एक गलत फैसला!
1कहते हैं कि चोर कितना ही शातिर क्यों न हो पकड़ा ही जाता है। इसी तरह डर को लाख छिपाए कहीं न कहीं, कभी न कभी प्रगट हो ही जाता
जब भी देश में एक इमानदार,सत्य,न्याय तथा देशभक्ति के साथ पारदर्शिता के लिए काम कर रहे किसी व्यक्ति को मारा जाता है तो वह उस व्यक्ति कि नहीं बल्कि पूरे
कहते हैं कि चोर कितना ही शातिर क्यों न हो पकड़ा ही जाता है। इसी तरह डर को लाख छिपाए कहीं न कहीं, कभी न कभी प्रगट हो ही जाता
जब भी देश में एक इमानदार,सत्य,न्याय तथा देशभक्ति के साथ पारदर्शिता के लिए काम कर रहे किसी व्यक्ति को मारा जाता है तो वह उस व्यक्ति कि नहीं बल्कि पूरे