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गंगा रक्षा, भारत रक्षा, अभी वक्त है चेतो भारतवासियो

गंगा रक्षा, भारत रक्षा, अभी वक्त है चेतो भारतवासियो

1 राजेश त्रिपाठी / 2010/07/18 11:52 am

पुण्य सलिला सुरसरी, पतितपावनी, जगउद्धारिणी गंगा जिसका हर भारतवासी से जन्म से लेकर मरण तक का अटूट नाता है।  जिसे श्रद्धा से  गंगा मैया कह कर बुलाते हैं और जो जाने

सरकारी जल नीति की हकीकत

सरकारी जल नीति की हकीकत

0 जनोक्ति डेस्क / 2010/01/21 5:59 pm

। हम भीतर बाहर से जल ही से जुड़े हुए हैं। पीने के लिए, खाद्यान्न उत्पादन के लिए, उद्योग, बिजली उत्पादन इत्यादि के लिए भी जल ही चाहिए। जैसे जल

सोलर वेली के साथ गोबर वेली भी बने

सोलर वेली के साथ गोबर वेली भी बने

3 जनोक्ति डेस्क / 2010/01/10 9:38 pm

भारत को गांवों का देश कहा जाता है. अर्थात भारत को पहचान देने वाली विशेषताओं एवं जीवनशक्ति प्रदान करने वाले कारकों की नींव ग्रामीण व्यवस्था पर टिकी होती है. भारत

अब नदियों का मिलन हुआ अधूरा

अब नदियों का मिलन हुआ अधूरा

0 जनोक्ति डेस्क / 2009/11/27 9:14 am

नदियाँ किसी भी देश की जीवनदायनी शक्ति होती है .भारत की 50 प्रतिशत से ज्यादा आबादी नदियों से ही अपनी अजीविका कमाने में सक्षम हो पाती है . वहीँ इस

यमुना किनारे विचरने के बहाने

यमुना किनारे विचरने के बहाने

0 उमेश पंत / 2009/10/12 4:14 pm

     नदियां हमेशा उस जगह को एक संस्कृति देती हैं जहां वो बह रही होती हैं। नदियों के साथ एक पूरा जीवन और उस जीवन के बरक्स लोगों की