मुकदमा वापस नहीं लेंगे : विनय जोशी
4मुंबई के एक सामाजिक कार्यकर्ता विनय जोशी ने कहा कि वे रोज़नामा राष्ट्रीय सहारा के संपादक अजीज बर्नी की दुर्भावनापूर्ण और राष्ट्र विरोधी लेखन के खिलाफ दायर किया मुकदमा वापस
पिछले सप्ताह ‘अजीज़ बर्नी ‘ के सहारा से बाहर का रास्ता दिखाए जाने की खबर और अब राष्ट्रीय सहारा में फ्रंट पेज पर बर्नी का देश के नाम माफीनामा प्रकाशित
जनोक्ति के सभी पाठक जो उर्दू नहीं जानते हैं , उनके लिए अजीज बर्नी की किताब ‘ आर एस एस की साजिश 26 /11 ” में लिखित मुख्य बिन्दुओं को
समस्त देशवासियों , कुछ जगहों पर मुझे लेकर यह अफवाह फैलाई जा रही है कि असदर अली ने संपादक अजीज बर्नी से हाथ मिला लिया है या बर्नी के किसी
मुंबई के एक सामाजिक कार्यकर्ता विनय जोशी ने कहा कि वे रोज़नामा राष्ट्रीय सहारा के संपादक अजीज बर्नी की दुर्भावनापूर्ण और राष्ट्र विरोधी लेखन के खिलाफ दायर किया मुकदमा वापस
पिछले सप्ताह ‘अजीज़ बर्नी ‘ के सहारा से बाहर का रास्ता दिखाए जाने की खबर और अब राष्ट्रीय सहारा में फ्रंट पेज पर बर्नी का देश के नाम माफीनामा प्रकाशित
जनोक्ति के सभी पाठक जो उर्दू नहीं जानते हैं , उनके लिए अजीज बर्नी की किताब ‘ आर एस एस की साजिश 26 /11 ” में लिखित मुख्य बिन्दुओं को
समस्त देशवासियों , कुछ जगहों पर मुझे लेकर यह अफवाह फैलाई जा रही है कि असदर अली ने संपादक अजीज बर्नी से हाथ मिला लिया है या बर्नी के किसी
असदर अली के सवालों पर गोल-मोल जवाब अजीज बर्नी की किताब “आरएसएस की साजिश 26 /11″ पर पत्रकार सैयद असदर अली के लेख ‘जनोक्ति’ के साथ -साथ कई सारे ब्लॉग
यह स्थापित सत्य है कि भारत में इस्लामी आतंकवादी हमलों का जनक मूलत: पाकिस्तान है। अपने इस खूनी एजेंडे को मूर्त रूप देने के लिए स्वाभाविक रूप से उसे स्थानीय
सहारा उर्दू अखबार के संपादक ‘अजीज बर्नी’ अपनी लेखनी को लेकर हमेशा विवादों में रहे हैं | अक्सर उनकी लेखनी में भारतद्रोह की बू नज़र आती है | लेकिन इस
बिहार का जनादेश क्या कहता है। सबके जेहन में यही बात है। क्या बिहारी अवाम ने जातिवाद को नकारकर सिर्फ और सिर्फ विकास के नाम पर वोट दिया है। या
बिहार विधान सभा चुनाव परिणाम में एनडीए को तीन चौथाई बहुमत का मिलना यह जताता है कि “जो सरकार काम करेगी वही राज करेगी”। पिचले पांच सालों में एनडीए कि
34 साल में बिहार को 17 मुख्यमंत्री देने वाली कांग्रेस की सीटों का आंकड़ा आज दहाई तक भी नहीं पहुंच सका है। कांग्रेस महज 5 सीटें ही जीत सकी हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 9 सीटें मिली थीं।बिहार चुनाव राहुल गांधी के इम्तहान माना जा रहा था बिहार की जनता पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव राहुल गांधी की रैलियों का असर भी नहीं हुआ। राहुल गांधी ने 17 और सोनिया गांधी ने 5 सीटों परसभाएं की थीं। कांग्रेस को केवल कहलगांव और किशनगंज सीट पर जीत नसीब हुई। कहलगांव से सदानंद सिंह और किशनगंज से मोहम्मद जावेद चुनाव जीते हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी महबूब अली कैसर भी सिमरी बख्तियारपुर से चुनाव हार गए हैं। राहुल गांधी ने इन सीटों पर चुनावी रैलियां की- केवल कहलगांव सीट पर कांग्रेस के सदानंद सिंह विजयी हुए हैं. पहले बरबीघा सीट पर कांग्रेस आगे चल