सोने की चिडिया की स्वाधीनता और काँग्रेसी लुटेरे
3हम भारत के लोग बडे ही हर्षोल्लास से १५ अगस्त को स्वाधीनता दिवस मनाते हैं, लेकिन हममें से बहुत कम लोगों को यह भान होगा कि इससे एक दिन पूर्व यानि १४ अगस्त १९४७ को
बिहार के विधानसभा की घमाचान में हर पार्टी के छोले के भीतर से एक-एक करके हर एक के लिए मुद्दे ही मुद्दे और नारे ही नारे बाहर आ रहे हैं.
आज भारत विश्व में सर्वाधिक फिल्में निर्मित करनेवाला देश है लेकिन देश में सिनेमा की शुरुआत आसान नहीं रही। आज हमारा सिनेमा जिस मुकाम पर है, उसे वहां तक पहुंचने
बिहार विधानसभा चुनाव में चुनाव प्रचार को लेकर भाजपा ने अपने 40 प्रमुख प्रचारकों की सूची चुनाव आयोग के समक्ष पेश कर दिया है । राज्य में विधानसभा चुनाव 21
हम भारत के लोग बडे ही हर्षोल्लास से १५ अगस्त को स्वाधीनता दिवस मनाते हैं, लेकिन हममें से बहुत कम लोगों को यह भान होगा कि इससे एक दिन पूर्व यानि १४ अगस्त १९४७ को
आज 14 अगस्त है। हम सब ‘अखण्ड भारत दिवस’ मना रहे है। अखण्ड भारत को लेकर अनेक जगह संगोष्ठी, निबंध प्रतियोगिता एवं व्याख्यानमालाएं आयोजित की जा रही है, पर्चे बांटे
किसी भी लोकतान्त्रिक देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होना ही चाहिए। फिर भी इस विषय पर बार-बार विवाद खड़े होते हैं। प्रायः लोग इसे राजनीति में घसीटकर इस या उस
15 अगस्त का जश्न मनाने को पूरा देश तैयार हो रहा है, अपनी गुलामी से मुक्त हुए 63 साल पूरे कर लिए हमने । हम हिन्दुस्तान से आगे बढ्ते हुए
इस देश में जाति के आधार पर जनगणना करने और नहीं करने पर काफी समय से बहस चल रही है। अनेक विद्वान लेखकों ने जाति के आधार पर जनगणना करवाने
बुंदेलखंड की मऊ तहसील के एक गांव में किसान घोटवा ने अपने तीन बच्चों को जहर के चावल खिलाकर मौत की नींद सुला दिया। ग्रामीण बताते हैं कि वह एक
हजारों लाखों बलिदानी शहीदों की कुरबानियों ने हमें परतंत्रता की बेड़ियों से मुक्त कर स्वच्छंद वातावरण में सांस लेने की आजादी दी। बरसों की गुलामी के बाद हमने आजादी पायी।
हाल ही में भारत के लोगो ने फ्रेंडशिप डे मनाया. भारतीय परिपेक्ष्य में सोचे तो कृष्ण-सुदामा के मिलाना के दिन से बेहतर कौन सा दिन दोस्ती के नाम हो सकता
” संघर्ष, मुठभेड़ और युद्ध “ सामान्य रूप से ये तीनों शब्द लगभग एक से लगते हैं; पर इनमें बड़ा अंतर है। ये अलग-अलग संदर्भ में प्रयोग होते हैं और इसीलिए
42. सड़क 42.1 देश में सड़कों के जाल को इस प्रकार व्यवस्थित किया जाएगा- क) राज्यों की 45 राजधानियों को जोड़ने वाली सड़कें न्यूनतम 50 फीट चौड़ी होंगी, ये राष्ट्रीय