जनता से वादाखिलाफी सबसे बड़ा भ्रष्टाचार |
1जनता से चुनावी वादा : – महंगाई कम करेंगे |सत्ता में आने पर : – पेट्रोल -डीजल-गैस की कीमत बढ़ाई| जनता से वादाखिलाफी सबसे बड़ा भ्रष्टाचार है इस राष्ट्रीय अपराध
स्वतंत्रता के बाद हमारे देश ने हर क्षेत्र में तरक्की की है। स्वतंत्र भारत के स्वतंत्र नागरिकों ने अपने कीर्तिमान हर क्षेत्र में रचे हैं। हमारे कीर्तिमान और हमारी उपलब्धियां राजनीति,
मुंबई के एक सामाजिक कार्यकर्ता विनय जोशी ने कहा कि वे रोज़नामा राष्ट्रीय सहारा के संपादक अजीज बर्नी की दुर्भावनापूर्ण और राष्ट्र विरोधी लेखन के खिलाफ दायर किया मुकदमा वापस
पिछले सप्ताह ‘अजीज़ बर्नी ‘ के सहारा से बाहर का रास्ता दिखाए जाने की खबर और अब राष्ट्रीय सहारा में फ्रंट पेज पर बर्नी का देश के नाम माफीनामा प्रकाशित
जनता से चुनावी वादा : – महंगाई कम करेंगे |सत्ता में आने पर : – पेट्रोल -डीजल-गैस की कीमत बढ़ाई| जनता से वादाखिलाफी सबसे बड़ा भ्रष्टाचार है इस राष्ट्रीय अपराध
स्वतंत्रता के बाद हमारे देश ने हर क्षेत्र में तरक्की की है। स्वतंत्र भारत के स्वतंत्र नागरिकों ने अपने कीर्तिमान हर क्षेत्र में रचे हैं। हमारे कीर्तिमान और हमारी उपलब्धियां राजनीति,
मुंबई के एक सामाजिक कार्यकर्ता विनय जोशी ने कहा कि वे रोज़नामा राष्ट्रीय सहारा के संपादक अजीज बर्नी की दुर्भावनापूर्ण और राष्ट्र विरोधी लेखन के खिलाफ दायर किया मुकदमा वापस
पिछले सप्ताह ‘अजीज़ बर्नी ‘ के सहारा से बाहर का रास्ता दिखाए जाने की खबर और अब राष्ट्रीय सहारा में फ्रंट पेज पर बर्नी का देश के नाम माफीनामा प्रकाशित
जनोक्ति के सभी पाठक जो उर्दू नहीं जानते हैं , उनके लिए अजीज बर्नी की किताब ‘ आर एस एस की साजिश 26 /11 ” में लिखित मुख्य बिन्दुओं को
समस्त देशवासियों , कुछ जगहों पर मुझे लेकर यह अफवाह फैलाई जा रही है कि असदर अली ने संपादक अजीज बर्नी से हाथ मिला लिया है या बर्नी के किसी
असदर अली के सवालों पर गोल-मोल जवाब अजीज बर्नी की किताब “आरएसएस की साजिश 26 /11″ पर पत्रकार सैयद असदर अली के लेख ‘जनोक्ति’ के साथ -साथ कई सारे ब्लॉग
यह स्थापित सत्य है कि भारत में इस्लामी आतंकवादी हमलों का जनक मूलत: पाकिस्तान है। अपने इस खूनी एजेंडे को मूर्त रूप देने के लिए स्वाभाविक रूप से उसे स्थानीय
सहारा उर्दू अखबार के संपादक ‘अजीज बर्नी’ अपनी लेखनी को लेकर हमेशा विवादों में रहे हैं | अक्सर उनकी लेखनी में भारतद्रोह की बू नज़र आती है | लेकिन इस
आज हमारे लिये सबसे जरूरी और महत्वपूर्ण है कि देश या समाज के लिये न सही, कम से कम अपने आपके और अपनी आने वाली पीढियों के सुखद एवं सुरक्षित