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आम लोगों की एकजुटता से झुकेगी सत्ता

आम लोगों की एकजुटता से झुकेगी सत्ता

0 डा ० पुरुषोत्तम मीणा / 2010/11/29 8:07 pm

आज हमारे लिये सबसे जरूरी और महत्वपूर्ण है कि देश या समाज के लिये न सही, कम से कम अपने आपके और अपनी आने वाली पीढियों के सुखद एवं सुरक्षित

सड़ता अनाज सड़ता तंत्र

सड़ता अनाज सड़ता तंत्र

1 शिरीष खरे / 2010/11/04 5:56 pm

सरकार चंद पूंजीपतियों के लिए रियायतों का अंबार लगा रही है और करोड़ों लोगों की खाद्य सुरक्षा के लिए उसके पास न अनाज है और न पैसे का कोई बंदोबस्त.

लोकत्रंत्र के आगे बौद्धिक लोकतंत्र -27

लोकत्रंत्र के आगे बौद्धिक लोकतंत्र -27

0 देवसूफी राम बंसल / 2010/10/19 4:48 am

भारत की वर्तमान स्थिति ऐसी है जिसे राजनेताओं द्वारा जनता की लूट कहा जा सकता है, इसी लूट को भारत की वर्तमान ‘राजनीति‘ कहा जा सकता है. ऐसी स्थिति में

ठीक-ठाक चल रहा है भारत !

ठीक-ठाक चल रहा है भारत !

1 डॉ. वेदप्रताप वैदिक / 2010/09/17 4:42 pm

[pullquote]देश में सब कुछ ठीक -ठाक चल रहा है | ठीक-ठाक का सही मतलब भारत में क्या होता है ये आप सभी जानते हैं | क्योंकि जब तक कोई कारगिल

गहलोत राज में भ्रष्टाचार की छूट

गहलोत राज में भ्रष्टाचार की छूट

0 डा ० पुरुषोत्तम मीणा / 2010/09/15 5:55 pm

भाजपा की वसुन्धरा राजे सरकार को भ्रष्ट और भू-माफिया से साठगांठ रखने वाली सरकार घोषित करके जनता से विकलांग समर्थन हासिल करने वाली राजस्थान की काँग्रेस सरकार में भी इन

भ्रष्टाचार जारी है

भ्रष्टाचार जारी है

4 रमेश भट्ट / 2010/09/15 1:43 pm

बरांबकी उन 200 जिलों में से एक था जिसे साल 2006 में महात्मा गांधी नरेगा के तहत चुना गया। यहां योजना को लागू हुए चार साल से ज्यादा बीत चुके

फिल्मी नत्थे जैसा खुशनसीब नहीं हकीकत का नत्था

फिल्मी नत्थे जैसा खुशनसीब नहीं हकीकत का नत्था

0 राजेश त्रिपाठी / 2010/09/09 8:54 am

राजेश त्रिपाठी फिल्म ‘पीपली लाइव’ का ‘नत्था’ भले ही न मरता हो और उसकी मौत का इंतजार करते मीडिया को भले ही निराशा हुई हो लेकिन हकीकत कुछ और ही

भूख के पेट में मध्यप्रदेश के और 28 आदिवासी बच्चे

भूख के पेट में मध्यप्रदेश के और 28 आदिवासी बच्चे

1 शिरीष खरे / 2010/09/08 8:04 pm

एएचआरसी यानी एशियन ह्यूमन राइटस् कमीशन के अनुसार मध्यप्रदेश में 28 बच्चों ने कुपोषण के चलते दम तोड़ दिया है. पीडित बच्चों के परिवार सरकारी योजनाओं के तहत भोजन और

नक्सलियों की कायरता ने लुकस टेटॆ की बलि ली

नक्सलियों की कायरता ने लुकस टेटॆ की बलि ली

0 अनिकेत प्रियदर्शी / 2010/09/05 12:41 pm

लुकस टेटॆ अब हमारे बीच नही हैं, लेकिन लुकस टेटॆ अब हर उस भारतीय के दिल मे है जिसने भारत को प्यार किया है । नक्सलियों की कायरता एवं बर्बरतापूर्ण

युवा श्रम और रोजगार

युवा श्रम और रोजगार

0 रमेश भट्ट / 2010/08/23 11:02 pm

श्रम और रोजगार मन्त्रालय भारत की एक बड़ी आबादी को ध्यान में रखकर अपनी नीतियां बनाता है। देश का असंगठित क्षेत्र मतलब 39 करोड़ से ज्यादा लोग इस मन्त्रालय के