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अंध मोदी-विरोध का मतलब?

अंध मोदी-विरोध का मतलब?

0 सुमित श्रीवास्तव / 2010/03/28 2:21 am

साल भर भी नहीं हुआ जब सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त इसी विशेष जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में कुख्यात मानवाधिकारवादी तीस्ता सीतलवाड को गुजरात के बारे में भयानक हत्याओं और

मीडिया में नियुक्ति का सच

मीडिया में नियुक्ति का सच

3 संजय कुमार / 2010/03/12 12:44 pm

देश दुनिया की खबरों को मीडिया अनोखे अंदाज में लोगों के सामने लाने की दिशा में रोजाना कुछ न कुछ नया करके रिझाने की फिराक में रहता है। राजनीतिक, सामाजिक,

हाईप्रोफाइल कब्जे में मीडिया

2 संजय कुमार / 2010/02/26 10:03 am

मीडिया ने जेसिका लाल, प्रियदर्शनी मट्टू, नीतीश कटारा मामले में न्याय दिलाने में जबरदस्त भूमिका अदा की और अब रुचिका-राठौर मामले को जिस तरह से उजागर किया है वह प्रयास

सेक्स / यौन सर्वेक्षण के बहाने

सेक्स / यौन सर्वेक्षण के बहाने

6 संजय कुमार / 2010/02/18 10:06 pm

बाजारवाद के आगे आज सब कुछ गौण हो चुका है। आमखास इसकी गिरफ्त में हैं। मीडिया भी इससे अछूता नहीं। अपने को बाजार में बनाए रखने के लिए मीडिया बाजारवाद

रियल्टी शो ने बढ़ाया टेलीविजन का दायरा

रियल्टी शो ने बढ़ाया टेलीविजन का दायरा

0 जयराम "विप्लव" / 2009/08/22 1:49 pm

टेलीविजन की लोकप्रियता का दायरा बढ़ाने में धारावाहिकों का अहम् योगदान रहा है । चाहे ‘महाभारत’ हो या ‘क्योंकि सास भी कभी बहु थी ‘ इन टीवी सीरियल्स ने न केवल सफलता पाई बल्कि सम्बंधित चैनल को भी एक नई ऊंचाई दी । गौरतलब है किटीवी के दर्शकों में सबसे बड़ी तादाद महिलाओं और बच्चों की रही है । यही वजह रही है कि अब तक ऐतिहासिक , पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर ज्यादातर धारावाहिकों का निर्माण किया जाता रहा है ।

मीडिया का बड़बोलापन

मीडिया का बड़बोलापन

1 जयराम "विप्लव" / 2009/08/14 1:16 pm

देहरादून के रणवीर सिंह फर्जी मुठभेड़ काण्ड में हमारी खोजबीन के निष्कर्षों पर आज सीबीआई ने मुहर लगा दी। दिल्ली से निकलने वाले एक राष्ट्रीय दैनिक में प्रथम पृष्ठ पर प्रकाशित होने वाली खबर का यह आमुख है।

21वीं सदी के गाँधी को विश्वपिता जो बनना है(प्रधानमंत्री के नाम खुला पत्र )

21वीं सदी के गाँधी को विश्वपिता जो बनना है(प्रधानमंत्री के नाम खुला पत्र )

3 जयराम "विप्लव" / 2009/08/11 3:54 pm

आदरणीय डा० मनमोहन सिंह जी ,
चरण कमलों में सादर प्रणाम !
मनमोहन सिंह जी आप के सम्बन्ध में कहते हुए होंठ हिलने लगते हैं , जीभ थरथराने लगती है । डर से नहीं बल्कि आप का व्यक्तित्व हीं इतना प्रभावशाली है ! २१ वी सदी के गाँधी , जन्म से भारतवंशी यानि भारतीय , कर्म से वैश्विक { क्योंकि वर्षों ऑक्सफोर्ड में अध्ययन और अध्यापन जो किया है }