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बिनायक सेन,नक्सलवाद और पिछड़ेपन की वजह

बिनायक सेन,नक्सलवाद और पिछड़ेपन की वजह

2 जयराम "विप्लव" / 2011/01/23 2:07 am

भाकपा (माओवादी) हिंसा में विश्वास रखने वाले तथाकथित कम्युनिस्टों का एक संगठन है जिन्होंने बंगाल के नक्सलबाड़ी गांव से 1967 में सशस्त्र क्रांतिकारी गतिविधियों का रास्ता अपनाया | आज भारत

कांग्रेस ,नक्सलवाद और गरीबी

कांग्रेस ,नक्सलवाद और गरीबी

1 जनोक्ति डेस्क / 2010/11/02 9:24 pm

मुरारी सिंह कंडारी 1947 से 1975 तक बिहार में कांग्रेस की सत्ता रही, इसी बीच दलितों को सरकारी जमीन के पट्रेट तो दिए गए पर उस जमीन पर कोई दलित

मार्क्सवादियों का दोहरा शीर्षासन

मार्क्सवादियों का दोहरा शीर्षासन

0 डॉ. वेदप्रताप वैदिक / 2010/10/01 3:32 pm

यदि कार्ल मार्क्स अपनी कब्र से उठकर कभी भारत आ पहुंचें तो वे हक्के-बक्के रह जाएंगे| वे अपने भारतीय चेलों को चीनी चेलों से भी आगे-आगे दौड़ता हुआ पाएंगें| बंगाल

ठीक-ठाक चल रहा है भारत !

ठीक-ठाक चल रहा है भारत !

1 डॉ. वेदप्रताप वैदिक / 2010/09/17 4:42 pm

[pullquote]देश में सब कुछ ठीक -ठाक चल रहा है | ठीक-ठाक का सही मतलब भारत में क्या होता है ये आप सभी जानते हैं | क्योंकि जब तक कोई कारगिल

भ्रष्टाचार जारी है

भ्रष्टाचार जारी है

4 रमेश भट्ट / 2010/09/15 1:43 pm

बरांबकी उन 200 जिलों में से एक था जिसे साल 2006 में महात्मा गांधी नरेगा के तहत चुना गया। यहां योजना को लागू हुए चार साल से ज्यादा बीत चुके

फिल्मी नत्थे जैसा खुशनसीब नहीं हकीकत का नत्था

फिल्मी नत्थे जैसा खुशनसीब नहीं हकीकत का नत्था

0 राजेश त्रिपाठी / 2010/09/09 8:54 am

राजेश त्रिपाठी फिल्म ‘पीपली लाइव’ का ‘नत्था’ भले ही न मरता हो और उसकी मौत का इंतजार करते मीडिया को भले ही निराशा हुई हो लेकिन हकीकत कुछ और ही

भूख के पेट में मध्यप्रदेश के और 28 आदिवासी बच्चे

भूख के पेट में मध्यप्रदेश के और 28 आदिवासी बच्चे

1 शिरीष खरे / 2010/09/08 8:04 pm

एएचआरसी यानी एशियन ह्यूमन राइटस् कमीशन के अनुसार मध्यप्रदेश में 28 बच्चों ने कुपोषण के चलते दम तोड़ दिया है. पीडित बच्चों के परिवार सरकारी योजनाओं के तहत भोजन और

नक्सलियों की कायरता ने लुकस टेटॆ की बलि ली

नक्सलियों की कायरता ने लुकस टेटॆ की बलि ली

0 अनिकेत प्रियदर्शी / 2010/09/05 12:41 pm

लुकस टेटॆ अब हमारे बीच नही हैं, लेकिन लुकस टेटॆ अब हर उस भारतीय के दिल मे है जिसने भारत को प्यार किया है । नक्सलियों की कायरता एवं बर्बरतापूर्ण

युवा श्रम और रोजगार

युवा श्रम और रोजगार

0 रमेश भट्ट / 2010/08/23 11:02 pm

श्रम और रोजगार मन्त्रालय भारत की एक बड़ी आबादी को ध्यान में रखकर अपनी नीतियां बनाता है। देश का असंगठित क्षेत्र मतलब 39 करोड़ से ज्यादा लोग इस मन्त्रालय के

क्या हुआ जो पीपली लाइव का नत्था नहीं मरा

क्या हुआ जो पीपली लाइव का नत्था नहीं मरा

2 रमेश भट्ट / 2010/08/22 11:10 pm

एक नत्था की कहानी ने इतना बबाल मचाया हुआ है लेकिन ये मत भूलिए इस देश में एक-दो नहीं करोड़ों नत्थाओं की जमात है | क्या हुआ जो पीपली लाइव