धुंधली-धुंधली यादों में
0धुंधली-धुंधली यादों में हलकी-हलकी बरसातों में जब ढूंढा तेरा वो चेहरा दिल का दर्द हुआ फिर गहरा मुश्किल हो गया जीना मेरा जगता मन तेरे ख्वाबों में धुंधली-धुंधली यादों में
जीना कैसे बतलाये कोई दिल को मेरे समझाए कोई न प्यार है ना हमदर्द है काश मेरे पास आये कोई जीना कैसे बतलाये कोई …. अकेला खड़ा हू अनजाने डगर
अरे कुछ तो ऐसा हो जाये एक साथी प्यारा मिल जाये जो साथ मेरे जीना चाहे मै जहा चलू चलता जाये अरे कुछ तो ऐसा हो जाये….. उम्मीद पे दुनिया
गम का है मौसम, मौसम जुदाई का, तुझको कसम है जाना, तेरी खुदाई का, गम का है मौसम………………. तुझको मैं भूलूं, भूल न पाऊ मैं, विरहा की अगनी में, जलता
धुंधली-धुंधली यादों में हलकी-हलकी बरसातों में जब ढूंढा तेरा वो चेहरा दिल का दर्द हुआ फिर गहरा मुश्किल हो गया जीना मेरा जगता मन तेरे ख्वाबों में धुंधली-धुंधली यादों में
जीना कैसे बतलाये कोई दिल को मेरे समझाए कोई न प्यार है ना हमदर्द है काश मेरे पास आये कोई जीना कैसे बतलाये कोई …. अकेला खड़ा हू अनजाने डगर
अरे कुछ तो ऐसा हो जाये एक साथी प्यारा मिल जाये जो साथ मेरे जीना चाहे मै जहा चलू चलता जाये अरे कुछ तो ऐसा हो जाये….. उम्मीद पे दुनिया
गम का है मौसम, मौसम जुदाई का, तुझको कसम है जाना, तेरी खुदाई का, गम का है मौसम………………. तुझको मैं भूलूं, भूल न पाऊ मैं, विरहा की अगनी में, जलता