एकछत्र शासन का घोषणापत्र: 3
03. भ्रष्टाचार निवारण: निचले स्तर पर 3.1 थाना स्तर पर 5-5 सतर्कता मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति की जायेगी, जो अगर चाहें, तो अपनी सहायता के लिये (क) स्थानीय गणमान्य नागरिकों को
39. आन्तरिक सुरक्षा (पुलिस) 39.1 ‘रक्षक’ नाम से एक नई पुलिस व्यवस्था कायम की जायेगी, जिसमें सिर्फ़ लम्बे कद के युवाओं को भर्ती किया जाएगा। 39.2 नई पुलिस व्यवस्था में
38. आम रिहाई 38.1 संगीन अपराधों के अभियुक्तों, दोषियों और आदतन अपराधियों, हिस्ट्रीशीटर को छोड़कर शेष समस्त कैदियों को जेलों से रिहा किया जाएगा। 38.2 रिहाई कई चरणों में हो
37. सजा का निर्धारण 37.1 किसी भी अपराध को निम्नलिखित पाँच में से किसी एक या ‘एकाधिक’ श्रेणी/श्रेणियों के अर्न्तगत लाकर सजा का निर्धारण किया जाएगा- क) कायदे-कानूनों का उल्लंघन,
3. भ्रष्टाचार निवारण: निचले स्तर पर 3.1 थाना स्तर पर 5-5 सतर्कता मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति की जायेगी, जो अगर चाहें, तो अपनी सहायता के लिये (क) स्थानीय गणमान्य नागरिकों को
2. “भ्रष्ट चौकड़ी” का निर्वासन 2.1 अण्डमान में 4 विशेष न्यायालयों की स्थापना कर राजनेताओं, उच्चाधिकारियों, पूँजीपतियों तथा माफिया सरगनाओं से जुड़े भ्रष्टाचार-सम्बन्धी और आपराधिक मामलों को वहाँ स्थानान्तरित किया
1(क) : एकच्छ्त्र शासक का सभा भवन एकच्छ्त्र शासक का सभा भवन एक आयताकार हॉल होगा, जिसके तीन तरफ गैलरियाँ बनी होंगी और एक तरफ मंच होगा. मंच पर भारत
अपने देश में एक स्वस्थ, सबल और टिकाऊ लोकतंत्र की स्थापना के लिये कम-से-कम दस वर्षों का ‘एकच्छत्रीय शासन’ (डिक्टेटरशिप) जरुरी हो गया है. आज की तारीख में भारतीय लोकतंत्र