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वर्तमान पत्र-अकारिता और माखनलाल चतुर्वेदी -1

वर्तमान पत्र-अकारिता और माखनलाल चतुर्वेदी -1

0 जनोक्ति डेस्क / 2009/10/29 8:34 am

देश के उपदेशक संपादक,सज्जनों एवं पत्रकार बंधुओं ! मेरी अपेक्षा ज्ञान-वद्ध वयोवृद्ध औत तपोवृद्ध व्यक्तियों के होते हुए, आपने मेरे जैसे अनुभवहीन व्यक्ति को, इस संस्था के सभापतित्व का गौरवपूर्ण

सेक्स चिंतन – 5

सेक्स चिंतन – 5

6 जयराम "विप्लव" / 2009/10/21 5:08 pm

सेक्स और समाज की अब तक प्रकाशित कड़ियों को आप सुधीजनों की खूब सराहना मिली है . दरअसल ,प्रचलित धारणाओं से हटकर लिखने -बोलने पर बहुत कम प्रशंसा मिलती है

राजनीतिक वेश्यावृत्ति की शुरुआत तो सन 90 में ही हो गयी

6 जयराम "विप्लव" / 2009/10/15 3:16 pm

भारत की संसद को गाँधी ने 1909 ई० में हीं बाँझ और वेश्या बताया था .धीरे -धीरे वेश्यावृत्ति के पावन कर्म में अपनी राजनीति भी शामिल हो गयी जो अब

मृत होती गंगा को बचाने में जुटे भारतीय सैनिक

2 जनोक्ति डेस्क / 2009/10/08 5:06 pm

    प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है जाहिर है आज नहीं तो कल इस सच से सामना तय है। ऐसे में कोई है जिसने बीड़ा उठाया है भगीरथ बनके

भावनाओं का संसार रचती दो उम्दा फिल्में

1 जनोक्ति डेस्क / 2009/10/08 8:01 am

    इस बीच माजिद माजिदी की दो फिल्में देखने को मिली। चिल्ड्रन आफ हैवन और कलर्स आफ पैराडाईस। माजिद माजिदी की फिल्में एक अलग संसार रचती हैं। गांवों का

आउट ऑफ़ फोकस

0 जनोक्ति डेस्क / 2009/10/03 7:08 pm

हमारा समय
एक कलर पेंटिंग है
जिसके एक हिस्से में
शेर की खाल पर बैठी कुछ औरते
नंगी होकर बेच रही हैं

कैमरा जब आंख बन जाता है : उमेश पन्त

0 जयराम "विप्लव" / 2009/09/23 4:49 pm

फिल्मों में रुचि रखने वाले लोगों के लिए मैन विद मूवी कैमरा एक कमाल की फिल्म है। जिस दौर में सिनेमा की शुरुआत होती है उस दौर में कैसे एक डाईरैक्ट हर सम्भव तकनीक अपनी फिल्म में प्रयोग कर लेता है और पूरी सफलता से, ये बात फिल्म देख लेने के बाद ही पता चलती है।

हिंदू हिन्दी हिंदुस्तान

2 निर्भय जैन / 2009/09/22 9:00 pm

हिंदू हिन्दी हिंदुस्तान
क्या है भारत की पहचान
पहले राज किया अंग्रेजों ने
अब अंग्रेजी के है गुलाम
देश की आजादी की खातिर

भारत के विषय में विद्वानों के विचार

भारत के विषय में विद्वानों के विचार

7 जनोक्ति डेस्क / 2009/09/18 10:51 am

भारत क्या है , यह प्रश्न अक्सर हमारे मन में उभरता रहता है . हमारे एक शिक्षक कहा करते थे : ” भारत को जानना है तो किताबें पढो ,