वर्तमान पत्र-अकारिता और माखनलाल चतुर्वेदी -1
0देश के उपदेशक संपादक,सज्जनों एवं पत्रकार बंधुओं ! मेरी अपेक्षा ज्ञान-वद्ध वयोवृद्ध औत तपोवृद्ध व्यक्तियों के होते हुए, आपने मेरे जैसे अनुभवहीन व्यक्ति को, इस संस्था के सभापतित्व का गौरवपूर्ण
20. विदेश नीति 20.1 भारत “जम्बूद्वीप” नामक एक संस्था के गठन का प्रस्ताव अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बाँग्लादेश, म्याँमार, कम्बोडिया, इण्डोनेशिया, मलेशिया, श्रीलंका, मालदीव, (मेहमान सदस्यों के रुप में मॉरिशस,
18. चुनाव व्यवस्था 18.1 प्रत्येक जिले को संसदीय चुनाव क्षेत्र तथा प्रखण्ड को विधानसभा चुनाव क्षेत्र का रुप दिया जायेगा. 18.2 इस प्रकार, देश में कुल 405 संसदीय क्षेत्र सीटें
महँगाई के विरोध में तो बहुत आन्दोलन हो रहे हैं पर समर्थन में एक यही आन्दोलन देखा । बड़ा अचरज हुआ कि छाती ठोक कर महंगाई को सही ठहराने वाले
देश के उपदेशक संपादक,सज्जनों एवं पत्रकार बंधुओं ! मेरी अपेक्षा ज्ञान-वद्ध वयोवृद्ध औत तपोवृद्ध व्यक्तियों के होते हुए, आपने मेरे जैसे अनुभवहीन व्यक्ति को, इस संस्था के सभापतित्व का गौरवपूर्ण
सेक्स और समाज की अब तक प्रकाशित कड़ियों को आप सुधीजनों की खूब सराहना मिली है . दरअसल ,प्रचलित धारणाओं से हटकर लिखने -बोलने पर बहुत कम प्रशंसा मिलती है
भारत की संसद को गाँधी ने 1909 ई० में हीं बाँझ और वेश्या बताया था .धीरे -धीरे वेश्यावृत्ति के पावन कर्म में अपनी राजनीति भी शामिल हो गयी जो अब
प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है जाहिर है आज नहीं तो कल इस सच से सामना तय है। ऐसे में कोई है जिसने बीड़ा उठाया है भगीरथ बनके
इस बीच माजिद माजिदी की दो फिल्में देखने को मिली। चिल्ड्रन आफ हैवन और कलर्स आफ पैराडाईस। माजिद माजिदी की फिल्में एक अलग संसार रचती हैं। गांवों का
हमारा समय
एक कलर पेंटिंग है
जिसके एक हिस्से में
शेर की खाल पर बैठी कुछ औरते
नंगी होकर बेच रही हैं
फिल्मों में रुचि रखने वाले लोगों के लिए मैन विद मूवी कैमरा एक कमाल की फिल्म है। जिस दौर में सिनेमा की शुरुआत होती है उस दौर में कैसे एक डाईरैक्ट हर सम्भव तकनीक अपनी फिल्म में प्रयोग कर लेता है और पूरी सफलता से, ये बात फिल्म देख लेने के बाद ही पता चलती है।
हिंदू हिन्दी हिंदुस्तान
क्या है भारत की पहचान
पहले राज किया अंग्रेजों ने
अब अंग्रेजी के है गुलाम
देश की आजादी की खातिर
भारत क्या है , यह प्रश्न अक्सर हमारे मन में उभरता रहता है . हमारे एक शिक्षक कहा करते थे : ” भारत को जानना है तो किताबें पढो ,