सितारे जमीं पर…
0विश्वकप को सालभर से भी कम समय बचा है और भारतीय टीम के दर्जनभर प्रतिभावान गेंदबाज टीम में जगह पाने के लिए जूझ रहे हैं. यह 2008 में भारतीय टीम
लो जी हो गया बंटाधार……….. इसे कह्ते है, गये थे हरिभजन को, ओटन लगे कपास । जी ..हमारे क्रिकेटरों की ही बात हो रही है । कहां विश्व कप शुरू
तकरीबन दो सप्ताह पहले दक्षिण अफीका के खिलाफ एकदिवसीय श्रंखला के दौरान ग्वालियर वनडे में दो सौ रनों की कीर्तिमान भरी पारी खेलकर समूचे देश को मंत्रमुग्ध कर देने वाले
समाचार पत्र में खेल संपादक होने के नाते कल का दिन मेरे लिए भी उतना ही ऐतिहासिक था, जितना कि करोड़ों भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए. बतौर खेल संपादक दैनिक
विश्वकप को सालभर से भी कम समय बचा है और भारतीय टीम के दर्जनभर प्रतिभावान गेंदबाज टीम में जगह पाने के लिए जूझ रहे हैं. यह 2008 में भारतीय टीम
लो जी हो गया बंटाधार……….. इसे कह्ते है, गये थे हरिभजन को, ओटन लगे कपास । जी ..हमारे क्रिकेटरों की ही बात हो रही है । कहां विश्व कप शुरू
तकरीबन दो सप्ताह पहले दक्षिण अफीका के खिलाफ एकदिवसीय श्रंखला के दौरान ग्वालियर वनडे में दो सौ रनों की कीर्तिमान भरी पारी खेलकर समूचे देश को मंत्रमुग्ध कर देने वाले
समाचार पत्र में खेल संपादक होने के नाते कल का दिन मेरे लिए भी उतना ही ऐतिहासिक था, जितना कि करोड़ों भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए. बतौर खेल संपादक दैनिक