सरेआम किसी को नंगा करने की आज़ादी !
315 अगस्त का जश्न मनाने को पूरा देश तैयार हो रहा है, अपनी गुलामी से मुक्त हुए 63 साल पूरे कर लिए हमने । हम हिन्दुस्तान से आगे बढ्ते हुए
सितम्बर हिन्दी के वार्षिक श्राद्ध का महीना है। हर संस्था और संस्थान इस महीने में हिन्दी दिवस, सप्ताह या पखवाड़ा मनाते हैं और इसके लिए मिले बजट को खा पी
“चल रे मटकी टम्मक टू ….” को “जॉनी जॉनी यस पापा…..” के सामने न जाने कितनी दफा शर्मिंदा होना पड़ा , अ-अनार के सामने ए-ऐपल्ल का, हमेशा से ही भारी
अवश्य पढ़िए:- “जियाउद्दीन के रूप में नेताजी” लेखक श्री उत्तमचंद मल्होत्रा. १९३९/४० में नेताजी श्री सुभाष चन्द्र बोस कलकत्ता में अंग्रेजों की कैद से, भेस बदल कर भाग निकले, अफगानिस्तान के रास्ते से जर्मन
15 अगस्त का जश्न मनाने को पूरा देश तैयार हो रहा है, अपनी गुलामी से मुक्त हुए 63 साल पूरे कर लिए हमने । हम हिन्दुस्तान से आगे बढ्ते हुए
हजारों लाखों बलिदानी शहीदों की कुरबानियों ने हमें परतंत्रता की बेड़ियों से मुक्त कर स्वच्छंद वातावरण में सांस लेने की आजादी दी। बरसों की गुलामी के बाद हमने आजादी पायी।
हाल ही में भारत के लोगो ने फ्रेंडशिप डे मनाया. भारतीय परिपेक्ष्य में सोचे तो कृष्ण-सुदामा के मिलाना के दिन से बेहतर कौन सा दिन दोस्ती के नाम हो सकता
श्री त्रिलोक्यनाथ बोस के पुत्र रूप में खुदीराम बोस का जन्म 3दिस्म्बर,1889 को ग्राम्य हबीबपुर,जनपद-मिदनापुर,प0बंगाल में हुआ।स्वदेशी आन्दोलन में शिरकत करने के लिए खुदीराम बोस ने नवीं कक्षा के बाद
” संघर्ष, मुठभेड़ और युद्ध “ सामान्य रूप से ये तीनों शब्द लगभग एक से लगते हैं; पर इनमें बड़ा अंतर है। ये अलग-अलग संदर्भ में प्रयोग होते हैं और इसीलिए
“स्वतंत्रता हमारा जन्म सिद्धअधिकारहै.”उक्तवाक्यांश लोकमान्यबाल गंगाधर तिलक जी द्वारा कहे गए थे.अगस्त की पहली तारीख को उनकी नब्बेवी पुण्यतिथि थी. जिनका स्मरण विभिन्न समाचार पत्रों द्वाराकिया गया है,परन्तु मुझे ऐसा लगता है की वो भी शायद मित्रता दिवस की आंधी में उड़ गया. तिलक जी को स्वर्ग में बैठे- बैठे आत्मग्लानी हो रही होगी जब उन्होंने देखा होगा की उनके वाक्यांशों का आज अक्षरशः पालन किया जा रहा है, वो भी उनकी कर्मभूमि पुणे नगरी में जहाँ
लूट..लूट..लूट॥ जंहा देखो वही मची है लूट । आज महंगाई बे-लगाम हो गई है, बाज़ार में मंडी में जहाँ देखो महंगाई चरम सीमा पर पहुँच गई है। इस महंगाई से
बिहार में चुनावी बिसात बिछ गयी है , हर दल चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार दिख रहा है | बात भी वाजिब है जब चुनाव होना ही है
बीते लोकसभा चुनाव में उत्तरप्रदेश में कांग्रेस ने लोकसभा की 22 सीटें जीतकर सबकों चौंका दिया। शायद खुद कांग्रेस के लोगों के लिए यह जीत किसी अचम्भे से कम नही
लेखक : भूतनाथ ” विकिलिक्स ” द्वारा अमेरिकी कार्यवाइयों के भंडाफ़ोड किये जाने और अमेरिकी सरकार द्वारा इसे संघीय व्यवस्था का उल्लंघन बताये जाने पर एक प्रश्न अपने-आप ही उठ खडा