स्कूली बच्चे मानसिक रोग का शिकार
0#mce_temp_url#मानसिक रोगी बच्चों की संख्या निरन्तर बढ़ रही है फिर भी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य कन्द्रों और क्लीनिकों में उनके देखरेख की समुचित व्यवस्था नहीं है। एक तरफ डाक्टरों की कमी
अल्जाइमर अथवा विस्मृति रोग वृद्धावस्था का एक असाध्य रोग माना गया है। सन् 1906 में जर्मन डॉ ओलोए अल्जीमीर ने एक महीला के दिमाग के परीक्षण में पाया कि उसमें
एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति की कुछ ऐसी विशेषताएं हैं जिन्हें बारीकी से जानने और समझने की जरूरत है। अभी तक एलोपैथी की विशेषताओं अथवा दोषों को समग्र रूप से जानने-समझने का
यद्यपि ऐलोपैथी का एकछत्र साम्राज्य दुनियाभर के देशों पर नजर आता है पर इसका यह अर्थ बिल्कुल नही कि यह औषध सिद्धांत सही है। ‘दवा-लॉबी ’ का गढ़ माने जाने
#mce_temp_url#मानसिक रोगी बच्चों की संख्या निरन्तर बढ़ रही है फिर भी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य कन्द्रों और क्लीनिकों में उनके देखरेख की समुचित व्यवस्था नहीं है। एक तरफ डाक्टरों की कमी
अभी हाल ही में मादक द्रव्यों के दुरुपयोग एवम् उनके अवैध व्यापार के विरुद्ध मनाये गए अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर इस बात पर जोर दिया गया कि नशीले पदार्थों के सेवन
योगस्थ कुरू कर्माणि अर्थात् योग (समत्व) में स्थित होकर कार्य करो . “सफल परारथ है जग माहिं, कर्महीन नर पावत नाहीं ।” रामायण की अपरोक्त पंक्तियॉं हमें बताती है कि वह
सेहत आप के सर का वो ताज है जो सिर्फ उसे दिखाई देता है जिसके पास ये नहीं है.स्वास्थ्य की तुलना हमेशा से शरीर की मांसपेशियों को आकर्षित बनाने की