ब्लॉगरों की तालिबानी संसद!
9इस कथित संसद में सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और संविधान में कमजोर वर्गों तथा अल्पसंख्यकों के संरक्षण के लिये निर्धारित पवित्र सिद्धान्तों के विध्वंसक अधिक हैं। एक प्रकार से ये लोग
नमस्कार ! प्रस्तुत है “ब्लॉग हलचल” की अगली किस्त | आज काफी सारे ब्लॉग खंगाले गये और काफी सोच-विचार कर नये चिट्ठाकारों के कुछ पोस्ट यहाँ दिए जा रहे हैं
नमस्कार ! साथियों , हिंदी ब्लोग्स की दुनिया में चल रहे उल्लेखनीय हलचलों को आपके बीच लाने के लिए शुरू किये गये स्तम्भ ” ब्लॉग-हलचल ” की यह पहली पोस्ट
रपट : पल्लव कुमार ,उदयपुर मनुष्य ताड़ पत्र से छापाखाने तक आया है। सब कुछ वैसा ही नहीं है जैसा हजार या पांच हजार बरस पहले था फिर मुद्रित शब्द
इस कथित संसद में सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और संविधान में कमजोर वर्गों तथा अल्पसंख्यकों के संरक्षण के लिये निर्धारित पवित्र सिद्धान्तों के विध्वंसक अधिक हैं। एक प्रकार से ये लोग
नमस्कार ! प्रस्तुत है “ब्लॉग हलचल” की अगली किस्त | आज काफी सारे ब्लॉग खंगाले गये और काफी सोच-विचार कर नये चिट्ठाकारों के कुछ पोस्ट यहाँ दिए जा रहे हैं
नमस्कार ! साथियों , हिंदी ब्लोग्स की दुनिया में चल रहे उल्लेखनीय हलचलों को आपके बीच लाने के लिए शुरू किये गये स्तम्भ ” ब्लॉग-हलचल ” की यह पहली पोस्ट
रपट : पल्लव कुमार ,उदयपुर मनुष्य ताड़ पत्र से छापाखाने तक आया है। सब कुछ वैसा ही नहीं है जैसा हजार या पांच हजार बरस पहले था फिर मुद्रित शब्द
अंतरजाल पर हिंदी का सम्राज्य दिन -दिन बढ़ता ही जा रहा है . आज कम से कम ३-४ हजार सक्रीय चिट्ठाकार यहाँ निवास करते हैं . आशा है ,अब तक