हिंदी सिनेमा का सफ़र -2
2हिंदी सिनेमा के इतिहास में अब तक आपने पढ़ा (पिछली पोस्ट पढ़ें ) फिल्मों ने जब बोलना शुरू किया तो दर्शकों को बड़ा अचरज हुआ। चलती-फिरती तस्वीरें बोलने भी लगीं,
आज भारत विश्व में सर्वाधिक फिल्में निर्मित करनेवाला देश है लेकिन देश में सिनेमा की शुरुआत आसान नहीं रही। आज हमारा सिनेमा जिस मुकाम पर है, उसे वहां तक पहुंचने
पटना से संचालित हो रहे मीडिया के सरोकार पर आधारित ई-पत्रिका मीडियामोरचा अब अपने नए कलेवर के साथ पाठकों और प्रशंषकों के बीच वेब पर अवतरित हो गया है। सरोकारों
रोमांटिक फिल्मों के मामलें में बॉलीवुड का रिकॉर्ड रोजर फेडरर के खेल के माफिक ही उजला रहा है. चाहे वह साठ के दशक की राजकूपर-नरगिस अभिनीत “आवारा” हो या फिर
हिंदी सिनेमा के इतिहास में अब तक आपने पढ़ा (पिछली पोस्ट पढ़ें ) फिल्मों ने जब बोलना शुरू किया तो दर्शकों को बड़ा अचरज हुआ। चलती-फिरती तस्वीरें बोलने भी लगीं,
आज भारत विश्व में सर्वाधिक फिल्में निर्मित करनेवाला देश है लेकिन देश में सिनेमा की शुरुआत आसान नहीं रही। आज हमारा सिनेमा जिस मुकाम पर है, उसे वहां तक पहुंचने
पटना से संचालित हो रहे मीडिया के सरोकार पर आधारित ई-पत्रिका मीडियामोरचा अब अपने नए कलेवर के साथ पाठकों और प्रशंषकों के बीच वेब पर अवतरित हो गया है। सरोकारों
रोमांटिक फिल्मों के मामलें में बॉलीवुड का रिकॉर्ड रोजर फेडरर के खेल के माफिक ही उजला रहा है. चाहे वह साठ के दशक की राजकूपर-नरगिस अभिनीत “आवारा” हो या फिर
उफ़ ये गर्मी और ये जींस की पेंट । क्या करें पहननी भी जरुरी है वरना ; बॉय या गर्ल फ्रेंड को और अन्य जानने वालों को “पर्सनेलिटी” कैसे दिखेगी।
अक्सर इंसान सपने देखता है , कल्पनाओं में उनको जीता है और जब तन्द्रा टूटती हैं तो सोचने लगता है कि जो हमने देखा उसका अर्थ आंखिर था क्या ?
पिछले सप्ताह बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुई दो फ़िल्में ” पाठशाला” और “फूंक-२” हिंदी सिनेमा में एक नए चलन की ओर इशारा करती है. यह इन दिनों रिलीज हो रही
इन दिनों मुंबई के फ्यूचर स्टूडियो में धारावाहिक ”कर्मयुद्ध” की शूटिंग लगातार चल रही है. ऐसे ही एक शूट हो रहा था अभिनेत्री वैष्णवी जो की इस धारावाहिक में पुलिस
राहुल बोस ऐसे अभिनेता हैं कि जब भी किसी फ़िल्म में अभिनय करते हैं वो फ़िल्म चर्चा का विषय बन जाती है उनकी ऐसी ही एक आने वाली फ़िल्म है
यह लज्जास्पद ही नहीं, बल्कि घृणास्पद भी है कि देश का नेतृत्व कर रही कांग्रेस देश-दुनिया की समस्याओं से जूझने की बजाय यह सुनिश्चित करने में लगी हुई है कि