पतन की ओर अग्रसर भारतीय कृषि
0कृषि खेती और वानिकी के माध्यम से खाद्य पदार्थों के उत्पादन से सम्बंधित है.मानव सभ्यता के इतिहास में कृषि की खोज को इतना महत्वपूर्ण माना जाता है कि इसे नवपाषाणकालीन क्रांति
56 से घटकर 30 क्विंटल रह गई यानि ये दावे पूरी तरह गलत हैं, झूठे हैं कि उपज बढ़ाने के लिए रासायनिक खेती की जरूरत है। सच तो यह है
सरकार के आह्वान पर ध्यान देना चाहिए। खेती को खत्म करने की अनेक योजनाओं में से एक हैं बन्दरों का सदुपयोग। हजारों साल से किसान और बन्दर दोनों अपने-अपने अस्तित्व
विनाशकारी ‘‘बीटी कॉटन ’’ बीज की निर्माता कम्पनी मौनसेण्टों ने हिमाचल में भी अपने पांव तेजी से पसारने शुरू कर दिये हैं। ‘‘डिकाल्ब’’ नामक मक्का बीज मण्डी, हमीरपुर के बाद
कृषि खेती और वानिकी के माध्यम से खाद्य पदार्थों के उत्पादन से सम्बंधित है.मानव सभ्यता के इतिहास में कृषि की खोज को इतना महत्वपूर्ण माना जाता है कि इसे नवपाषाणकालीन क्रांति
56 से घटकर 30 क्विंटल रह गई यानि ये दावे पूरी तरह गलत हैं, झूठे हैं कि उपज बढ़ाने के लिए रासायनिक खेती की जरूरत है। सच तो यह है
सरकार के आह्वान पर ध्यान देना चाहिए। खेती को खत्म करने की अनेक योजनाओं में से एक हैं बन्दरों का सदुपयोग। हजारों साल से किसान और बन्दर दोनों अपने-अपने अस्तित्व
विनाशकारी ‘‘बीटी कॉटन ’’ बीज की निर्माता कम्पनी मौनसेण्टों ने हिमाचल में भी अपने पांव तेजी से पसारने शुरू कर दिये हैं। ‘‘डिकाल्ब’’ नामक मक्का बीज मण्डी, हमीरपुर के बाद
पिछले एक दशक में उत्तर प्रदेश ने विभिन्न प्रकार के जलवायु परिवर्तन देखे हैं। जब पूर्वी उत्तर प्रदेश भयंकर बाढ़ की चपेट में था ठीक उसी समय बुंदेलखंड सूखे की
रोग प्रवंचन उपाय रोगों की रोकथाम उनकी चिकित्सा की तुलना में सस्ती और अति लाभकर सिद्ध होती है. इसलिए बौद्धिक जनतंत्र में रोगों की रोक्थाम्म पर विशेष बल है. इसके
सवेरा अब होने को है बस चंद पलो का इंतजार है सूरज की लाल किरनें जब धरा पर उतरेंगी प्रभात की बेला में हर ओर मेला सा लग जाएगा पेड़-पौधे
उफ़ … ये गरमी , आग उगलता सूरज रोज़ बढता पारा और मुश्किल होता जीना घर से बाहर जाए तो जाए कैसे । अभी कुछ दिन पहले की ही तो
गृष्म ऋतु के आते ही तापमान में खासा आमूलचूल परिवर्तन देखा जा रहा है। आलम है कि महज चैत माह में ही इस भीषण गर्मी का प्रकोप लोगों को (झुलसाने
“डा ० अतुल कुमार” जी, हाँ! हैरत की बात नहीं। पर्यावरण मंत्रालय की के पीआईबी बेब (पीआई.एनआईसी.आईएन) पर प्रस्तुत लेख ‘भारत में यूकेलिप्टस वृक्षों के बाग तैयार करना’ में सूचना