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बिनायक सेन,नक्सलवाद और पिछड़ेपन की वजह

बिनायक सेन,नक्सलवाद और पिछड़ेपन की वजह

2 जयराम "विप्लव" / 2011/01/23 2:07 am

भाकपा (माओवादी) हिंसा में विश्वास रखने वाले तथाकथित कम्युनिस्टों का एक संगठन है जिन्होंने बंगाल के नक्सलबाड़ी गांव से 1967 में सशस्त्र क्रांतिकारी गतिविधियों का रास्ता अपनाया | आज भारत

लोकत्रंत्र के आगे बौद्धिक लोकतंत्र -27

लोकत्रंत्र के आगे बौद्धिक लोकतंत्र -27

0 देवसूफी राम बंसल / 2010/10/19 4:48 am

भारत की वर्तमान स्थिति ऐसी है जिसे राजनेताओं द्वारा जनता की लूट कहा जा सकता है, इसी लूट को भारत की वर्तमान ‘राजनीति‘ कहा जा सकता है. ऐसी स्थिति में

ठीक-ठाक चल रहा है भारत !

ठीक-ठाक चल रहा है भारत !

1 डॉ. वेदप्रताप वैदिक / 2010/09/17 4:42 pm

[pullquote]देश में सब कुछ ठीक -ठाक चल रहा है | ठीक-ठाक का सही मतलब भारत में क्या होता है ये आप सभी जानते हैं | क्योंकि जब तक कोई कारगिल

फिल्मी नत्थे जैसा खुशनसीब नहीं हकीकत का नत्था

फिल्मी नत्थे जैसा खुशनसीब नहीं हकीकत का नत्था

0 राजेश त्रिपाठी / 2010/09/09 8:54 am

राजेश त्रिपाठी फिल्म ‘पीपली लाइव’ का ‘नत्था’ भले ही न मरता हो और उसकी मौत का इंतजार करते मीडिया को भले ही निराशा हुई हो लेकिन हकीकत कुछ और ही

देश की शिक्षा स्थिति : एक सच ?

देश की शिक्षा स्थिति : एक सच ?

0 रोहित कश्यप / 2010/09/08 5:33 pm

आज एक दफा फिर से कुछ लिखने की कोशिश करने बैठा हूँ | हाथ कंप्यूटर के की बोर्ड पर चलने शुरू हो गएँ हैं तो लगता है थोड़ा बहुत लिख

नक्सलियों की कायरता ने लुकस टेटॆ की बलि ली

नक्सलियों की कायरता ने लुकस टेटॆ की बलि ली

0 अनिकेत प्रियदर्शी / 2010/09/05 12:41 pm

लुकस टेटॆ अब हमारे बीच नही हैं, लेकिन लुकस टेटॆ अब हर उस भारतीय के दिल मे है जिसने भारत को प्यार किया है । नक्सलियों की कायरता एवं बर्बरतापूर्ण

युवा श्रम और रोजगार

युवा श्रम और रोजगार

0 रमेश भट्ट / 2010/08/23 11:02 pm

श्रम और रोजगार मन्त्रालय भारत की एक बड़ी आबादी को ध्यान में रखकर अपनी नीतियां बनाता है। देश का असंगठित क्षेत्र मतलब 39 करोड़ से ज्यादा लोग इस मन्त्रालय के

क्या हुआ जो पीपली लाइव का नत्था नहीं मरा

क्या हुआ जो पीपली लाइव का नत्था नहीं मरा

2 रमेश भट्ट / 2010/08/22 11:10 pm

एक नत्था की कहानी ने इतना बबाल मचाया हुआ है लेकिन ये मत भूलिए इस देश में एक-दो नहीं करोड़ों नत्थाओं की जमात है | क्या हुआ जो पीपली लाइव

एकछत्र शासन का घोषणापत्र- उपसंहार

एकछत्र शासन का घोषणापत्र- उपसंहार

0 जयदीप शेखर / 2010/08/21 3:47 pm

उपसंहार जब किसी देश का समाज आर्थिक और भौतिक ही नहीं नैतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी समृद्ध हो, जब किसी देश के युवा मस्तिष्क से प्रतिभाशाली, शरीर से बलिष्ठ

एकछत्र शासन का घोषणापत्र- पश्चकथन

एकछत्र शासन का घोषणापत्र- पश्चकथन

1 जयदीप शेखर / 2010/08/20 3:47 pm

पश्चकथन 1996 से मैंने देश की समस्याओं के समाधान के बारे में लिखना शुरु किया. मैं ‘ऐसा होना चाहिये’, ‘वैसा होना चाहिये’ की शैली में लिख रहा था. तब मैं