असंठित श्रमिकों की वर्तमान स्थिति
0साभार : आईएलओ प्रकाशित पुस्तक “मुक्ति की रह” अनौपचारिक अर्थव्यवस्था मोटे तौर पर इस प्रकार परिभाषित की जा सकती है- ऐसी अर्थव्यवस्था जिसमें अनिगमित उद्यम, अनियत या दिहाड़ी मजदूर है। भारत सहित
देश में अनिवार्य शिक्षा का अधिकार कानून लागू हो चुका है। 6 से 14 उम्र तक के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा देने का प्रावधान किया गया है। यों
लेखक : – आर.एस. सिंह पटेल सरकार निरन्तर गरीबी उन्मूलन के कार्यक्रम चला रही है लेकिन गरीबों की संख्या मे कमी आने के बजाय उसमे बृद्धि होती जा रही है।
भारत को गांवों का देश कहा जाता है. अर्थात भारत को पहचान देने वाली विशेषताओं एवं जीवनशक्ति प्रदान करने वाले कारकों की नींव ग्रामीण व्यवस्था पर टिकी होती है. भारत
साभार : आईएलओ प्रकाशित पुस्तक “मुक्ति की रह” अनौपचारिक अर्थव्यवस्था मोटे तौर पर इस प्रकार परिभाषित की जा सकती है- ऐसी अर्थव्यवस्था जिसमें अनिगमित उद्यम, अनियत या दिहाड़ी मजदूर है। भारत सहित
देश में अनिवार्य शिक्षा का अधिकार कानून लागू हो चुका है। 6 से 14 उम्र तक के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा देने का प्रावधान किया गया है। यों
लेखक : – आर.एस. सिंह पटेल सरकार निरन्तर गरीबी उन्मूलन के कार्यक्रम चला रही है लेकिन गरीबों की संख्या मे कमी आने के बजाय उसमे बृद्धि होती जा रही है।
भारत को गांवों का देश कहा जाता है. अर्थात भारत को पहचान देने वाली विशेषताओं एवं जीवनशक्ति प्रदान करने वाले कारकों की नींव ग्रामीण व्यवस्था पर टिकी होती है. भारत
1996-97 से लेकर 2008-09 तक के रबड् की आँकडे जो भारतीय रबड् बोर्ड द्वारा प्रसारित की गई हैं . उनके विश्लेषण करने पर हेराफेरी के कई सबूत मिलते हैं . एक हेक्टर रबड् की खेती से एक लाख रुपये तक का लाभ मिलता हैं। परन्तू रबड् बोर्ड की तरफ से हेरा फेरी के आँकडे प्रसारित करके दाम ऊपर नीचे होने में मदद किया जा रहा है . यह किसानों के खिलाफ है