बिहार में विकास जीता,जाति हारी
0बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं.बिहार की जनता ने जातिवादी शक्तियों को एक सिरे से नकारते हुए एनडीए के विकास की राजनीति पर मुहर लगा दी है वो
अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव समाप्त हुआ है और झारखण्ड में पंचायत चुनाव चल रहे हैं । ऐसा देखने में आया है कि पंचायत चुनावों में
बिहार का जनादेश क्या कहता है। सबके जेहन में यही बात है। क्या बिहारी अवाम ने जातिवाद को नकारकर सिर्फ और सिर्फ विकास के नाम पर वोट दिया है। या
बिहार विधान सभा चुनाव परिणाम में एनडीए को तीन चौथाई बहुमत का मिलना यह जताता है कि “जो सरकार काम करेगी वही राज करेगी”। पिचले पांच सालों में एनडीए कि
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं.बिहार की जनता ने जातिवादी शक्तियों को एक सिरे से नकारते हुए एनडीए के विकास की राजनीति पर मुहर लगा दी है वो
नीतीश कुमार ने इस चुनाव में विकास का मुद्दा क्या बनाया जातिवाद और सम्प्रदायवाद से घिरा बिहार का नजारा ही बदल गया. आज पहली बार दिखा कि बिहार की जनता
बिहार विधानसभा चुनाव की कुल 243 सीटों पर छह चरणों में मतदान संपन्न हुआ | इस चुनाव में सभी चरणों को मिला कर देखा जाए तो 52 फीसदी मतदाताओं ने
बिहार की राजनीति और चुनाव की जांच-पड़ताल कर रहे हैं संजय शर्मा बदलाव की इच्छा जब जब बलवती हुई है, बिहार के चुनाव का आधार जातिगत नहीं रहा . 1977
दीपावली का उल्लेख हो और दीपों की बात न हो, ये संभव नहीं है। अमावस की रात में आने वाली दीपावली को ये छोटे-छोटे दीप ही रोशन करते हैं और हमें प्रेरणा देते हैं कि जिस तरह एक छोटा-सा दीपक अँधेरे को दूर कर देता है, उसी तरह हमारा एक छोटा प्रयास भी एक दिन कोई बड़ा परिवर्तन ला सकता है। बस! मन में उत्साह और अपने संकल्प की पूर्ति के लिये लगन होनी चाहिये। दीपावली के इस अवसर पर दीपों की बात निकली, तो मुझे चाणक्य के जीवन का एक प्रसंग आ रहा है।
- प्रीति वैसे तो ये पढ़ कर सचमुच बहुत अच्छा लगा की अब विवाहित बेटियां भी अपने पिता की ज़गह अपने घर को चला सकती है और अपने कर्तव्यों का
श्याम नारायण रंगा ’अभिमन्यु भारत एक लोकतांत्रिक देश है। विश्व के सबसे बडे इस लोकतंत्र मे तंत्र का निर्माण लोक द्वारा किया जाता है और जनता का जनता के द्वारा
हाल ही में कैम्ब्रिज विवि में एक व्याख्यान के दौरान प्रकाश करात ने माना कि “भारत के वामपंथी” देश में होने वाले आर्थिक बदलावों को समझने में असफ़ल रहे तथा
POPULATION SHOULD BE CONTROLLED ANYWAY पिछली जनगणना के बाद जनसंख्या संबंधी आधिकारिक आँकड़े जारी किये गये, राजनीतिक दलों ने अपने-अपने नजरिये से इसे देखा और अपने हिसाब से व्याख्या की।
बिहार विधानसभा चुनाव का चौथा चरण सोमवार को शांतिपूर्वक संपन्न हो गया | चौथे चरण में बिहार के 42 विधानसभा क्षेत्रों में 51 प्रतिशत मतदाताओं ने चुनाव प्रक्रिया में भाग