सड़क पर विरोध और संसद में साथ-साथ
227 अप्रैल को गैर राजग दलों के भारत बंद के व्यापक असर की बात मीडिया में खूब उछाली गयी . और संसद में कटौती प्रस्ताव के औंधे मुंह गिरने की
हजारों लाखों बलिदानी शहीदों की कुरबानियों ने हमें परतंत्रता की बेड़ियों से मुक्त कर स्वच्छंद वातावरण में सांस लेने की आजादी दी। बरसों की गुलामी के बाद हमने आजादी पायी।
हाल ही में भारत के लोगो ने फ्रेंडशिप डे मनाया. भारतीय परिपेक्ष्य में सोचे तो कृष्ण-सुदामा के मिलाना के दिन से बेहतर कौन सा दिन दोस्ती के नाम हो सकता
१५ अगस्त १९४७ दिन शुक्रवार को दो सौ सालों से जंजीरों में कैद भारत आज अपनी बेड़ियों को तोड़ कर आज़ादी क़ा जश्न मना रहा है, खुली फिजा में सांश
27 अप्रैल को गैर राजग दलों के भारत बंद के व्यापक असर की बात मीडिया में खूब उछाली गयी . और संसद में कटौती प्रस्ताव के औंधे मुंह गिरने की
बंग-भंग के प्रयास में विफलता हाथ लगने से हताश ब्रिटिश हुकूमत ने 1906में जिस मुस्लिम लीग की स्थापना की, उसने देश की एकता और अखंडता को तोड़ दिया। मुस्लिम तुष्टिकरण
जिस समय भारत की सुरक्षा और उसके सुरक्षा दस्तों पर आतंकवादियों की ओर से गहरा दबाव बढ़ रहा है, उस समय भारत के शासक एक दूसरे पर छींटाकशी करते दिख
कांग्रेस और भाजपा, भारतीय राजनीति के दो ध्रुवांत एक साथ कैसे हो सकते हैं? परन्तु ऐसा ही हुआ है। एक नहीं दो-दो मसलो पर इनका बयान लगभग एक जैसा है।
भारत के स्वतन्त्रता आन्दोलन के समय कांग्रेस की बागडोर महात्मा गाँधी के हाथ में थी जिन्होंने जनसाधारण को उस समय उपलब्ध वस्त्र केवल एक लंगोटी को अपनी वेशभूषा बनाया. इसके