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आरक्षण, धर्मनिरपेक्षता एवं अल्पसंख्यकों का विरोध असंवैधानिक!

आरक्षण, धर्मनिरपेक्षता एवं अल्पसंख्यकों का विरोध असंवैधानिक!

2 डा ० पुरुषोत्तम मीणा / 2010/07/19 7:34 pm

सर्वप्रथम हमें यह समझना होगा कि हमारे देश के विभाजन के समय हमारे तत्कालीन नेतृत्व ने सभी धर्मावलम्बियों तथा आदिवासियों एवं दलितों को आश्वस्त किया था कि वे भारत में

वैदिकी जाति जाति न भवतिः……….

वैदिकी जाति जाति न भवतिः……….

4 संजय कुमार / 2010/07/19 6:50 pm

जनगणना से जात हटाओ के नारे के साथ कुछ तथाकथित बिना जात के लोगों ने उपवास और धरना दिया है। चलिये, इस जनत्रंत में सबको कुछ भी कहने-करने की आजादी

कुछ करो पवार साहब !

कुछ करो पवार साहब !

1 नवीन देवांगन / 2010/07/18 3:18 pm

हिंदुस्तान को किसी ज़माने में सोने की चिड़िया कहा जाता था ऐसा अक्सर हम बचपन से सुनते आए है और किताबों में भी पढ़ते आए है पर आज के हिंदुस्तान

लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र – 23

लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र – 23

0 देवसूफी राम बंसल / 2010/07/16 11:00 am

शासन और व्यवस्था का अंतराल भारत में बौद्धिक जनतंत्र की स्थापना की दिशा में कदम रखने से पूर्व हम अपने बौद्धिक साथियों को शासन और व्यवस्था के शब्द जाल से

जनगणना या जातिगणना  !

जनगणना या जातिगणना !

0 अमित कुमार मीत / 2010/07/16 10:00 am

जात ही पुछो साधु की,मत पुछिए ज्ञान, मोल करो मयान का,ऊपर से होती पहचान | भारतीय सामाजिक व्यवस्था में दोहों का मतलब बदलने में समय नही लगता. झुठ,फरेब और ऊपरी

सीएम संग पीएम बोले

सीएम संग पीएम बोले

0 त्रिपुरारी कुमार / 2010/07/15 11:36 pm

नक्सली हिंसा से निपटने की ताजा रणनीति के तहत केन्द्र सरकार ने नक्सल प्रभावित राज्यों के सीएम ( मुख्यमंत्रियों) के साथ प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के साथ एक बैठक आयोजित

एकछत्र शासन का घोषणापत्र- 25

एकछत्र शासन का घोषणापत्र- 25

0 जयदीप शेखर / 2010/07/15 7:26 pm

25. देह व्यापार 25.1      देह-व्यापार उन्मूलन की दिशा में पहले से कार्यरत सामाजिक संगठनों को सरकार की ओर से इस कुप्रथा को समाप्त करने के लिये अधिकृत किया जायेगा और

लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र – 22

लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र – 22

0 देवसूफी राम बंसल / 2010/07/15 11:37 am

बौद्धिकता प्रतीक एवं परिचय बौद्धिक लोगों के सत्तारोहण हेतु उनका परस्पर समन्वय आवश्यक है, जिसके लिए परस्पर सहमत व्यक्तियों का एक दूसरे से परिचय भी आवश्यक है. ऐसे लोगों का

महंगाई का सरकार ने मारा चांटा

महंगाई का सरकार ने मारा चांटा

0 नरेन्द्र निर्मल / 2010/07/15 11:29 am

दाल चावल आटा सरकार ने मारा चांटा अरे दाल चावल आटा सरकार ने मारा चांटा प्याज नमक को तरस गए हम तो जंगल बेचीं खेत बेच दिया हर टुकड़ा धरती

एकछत्र शासन का घोषणापत्र- 24

एकछत्र शासन का घोषणापत्र- 24

0 जयदीप शेखर / 2010/07/14 7:22 pm

24 जनसंख्या नियंत्रण सह महिला सशक्तिकरण 24.1      जनसंख्या वृद्धि के लिये जो सामाजिक तबके और भौगोलिक क्षेत्र मुख्य रुप से जिम्मेवार हैं, उन तबकों तथा क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए