बिहार में हिन्दी की मौत
222 मार्च 2010 को बिहार में बिहार दिवस मनाया गया. बिहार के स्थापना के 98 वीं वर्षगाँठ पर पहली बार मनाया जाने वाला इस बिहार दिवस का मुख्य कार्यक्रम बिहार
बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखें तीन बड़े हिन्दू पर्व के बीच पड़ रही है | इस बात से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में मत
चुनाव में दो तरह की चुनौती होती हैं एक तो जनता को रिझाने की और दूसरी बिखरते कुनबे को समेटने की। नेता और दल सही मायनों में वही कहलाता है
दौडा-दौडा भागा भागा सा….जी हां आज बिहार की राजनीति के हाल की चाल लगभग इसी तरह की हो चुकी है । चुनाव से पहले जितनी पैंतरेबाजी हो सकती है सब
22 मार्च 2010 को बिहार में बिहार दिवस मनाया गया. बिहार के स्थापना के 98 वीं वर्षगाँठ पर पहली बार मनाया जाने वाला इस बिहार दिवस का मुख्य कार्यक्रम बिहार
नीतीश कुमार और उनकी सरकार के लिए हम गुणगान तो बहुत कर चुके हैं, लेकिन गुणगान के धुन में आज भी कईबातें गुमनामी में ही रह गयी है| बिहार में जल्द ही चुनाव होने जा रहा है,
बिहार बोर्ड की दशवीं की परीक्षा दिनांक ११-०३-२०१० को सम्पन्न हुई | परीक्षा शुरू होने से पहले प्रशासन ने कदाचारमुक्त परीक्षा सम्पन्न कराने का दावा किया था | और उनके इस दावे का हमेशा की तरह कोई असर
बात चाहे जो भी हो बिहार के डीजीपी ने पुलिस को चुस्त-दुरूस्त करने का और फरियादियों से उनके दोस्त बनकर काम करने का जो पाठ पढाया है वह बिलकुल इसके