एकछत्र शासन का घोषणापत्र- 23
023.स्वास्थ्य 23.1 ‘जन स्वच्छता’ (नाली, शौचालाय, स्नानागार इत्यादि) की जिम्मेवारी ग्राम पंचायतों, नगर/महानगर पालिकाओं को सौंपी जायेगी. 23.2 ‘जन स्वास्थ्य’ (टीकाकरण, मलेरिया की दवा का वितरण इत्यादि) की जिम्मेवारी राज्य
42. सड़क 42.1 देश में सड़कों के जाल को इस प्रकार व्यवस्थित किया जाएगा- क) राज्यों की 45 राजधानियों को जोड़ने वाली सड़कें न्यूनतम 50 फीट चौड़ी होंगी, ये राष्ट्रीय
१५ अगस्त १९४७ दिन शुक्रवार को दो सौ सालों से जंजीरों में कैद भारत आज अपनी बेड़ियों को तोड़ कर आज़ादी क़ा जश्न मना रहा है, खुली फिजा में सांश
41. रेलवे 41.1 भारतीय रेल में मुफ्त यात्रा की परिपाटी समाप्त की जायेगी- 50 फीसदी छूट रेल और सैन्य कर्मियों तथा उनके परिवारजनों, नाबालिगों, बुजुर्गों, अपंगों और जनप्रतिनिधियों को दी
23.स्वास्थ्य 23.1 ‘जन स्वच्छता’ (नाली, शौचालाय, स्नानागार इत्यादि) की जिम्मेवारी ग्राम पंचायतों, नगर/महानगर पालिकाओं को सौंपी जायेगी. 23.2 ‘जन स्वास्थ्य’ (टीकाकरण, मलेरिया की दवा का वितरण इत्यादि) की जिम्मेवारी राज्य
21. बे-सहारों के लिये 21.1 अग्रणी स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से देश में आश्रयों की एक शृँखला (प्रत्येक जिले में एक) कायम की जायेगी, जहाँ लाचार और बे-सहारा लोगों के
जम्मू कश्मीर में जो भयावह हालात अभी बन रहे हैं वो समूचे देश के लिए एक बड़े खतरे को जन्म दे रहें हैं.भारत विरोधी मानसिकता तो हमेशा से कश्मीर के
20. विदेश नीति 20.1 भारत “जम्बूद्वीप” नामक एक संस्था के गठन का प्रस्ताव अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बाँग्लादेश, म्याँमार, कम्बोडिया, इण्डोनेशिया, मलेशिया, श्रीलंका, मालदीव, (मेहमान सदस्यों के रुप में मॉरिशस,
18. चुनाव व्यवस्था 18.1 प्रत्येक जिले को संसदीय चुनाव क्षेत्र तथा प्रखण्ड को विधानसभा चुनाव क्षेत्र का रुप दिया जायेगा. 18.2 इस प्रकार, देश में कुल 405 संसदीय क्षेत्र सीटें
महँगाई के विरोध में तो बहुत आन्दोलन हो रहे हैं पर समर्थन में एक यही आन्दोलन देखा । बड़ा अचरज हुआ कि छाती ठोक कर महंगाई को सही ठहराने वाले
वॉरेन एंडरसन। गोरी चमड़ी और भूरी आंखों वाला अमेरिकी बूढ़ा। उम्र 89 वर्ष। 2-3 दिसम्बर 1984 की रात को गैस रिसाव ने भोपाल में जिस त्रासदी को जन्म दिया उसकी गुनहगार अमेरिकी यूनियन कार्बाइड कंपनी का तत्कालीन चेयरमैन।
आज पूरा देश 1970 के दशकवाली गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है। पूरे देश के जन आन्दोलन और संगठन इन परिस्थितियों पर समग्र रूप से विचार करने और मूलभूत परिवर्तन