बिमारियों का आसान इलाज ,जानिए कैसे ?
1इन दिनों देशभर में बुखार और आईफ्लू के बीमार देखे जा सकते हैं। बीमारी नियन्त्रित नहीं हो रही हैं। महंगे उपचार के बाद भी रोगी मारे भी जा रही हैं।
डॉ. माला मिश्र स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जन सामान्य यह सोचता और समझता था कि देश के स्वतंत्र होते ही सभी समस्याओं का संतोष जनक ढंग से समाधान हो जाएगा।
विजय कुमार कुछ दिन पूर्व दूरदर्शन पर एक मौलाना रमजान का महत्व बता रहे थे। पहले तो उन्होंने इसे अध्यात्म से जोड़ा और फिर स्वास्थ्य रक्षा और शरीर शुद्धि से।
प्यारे बच्चो! मैं आपको कुछ उपयोगी बातें बतलाऊंगा जिनको अपनाकर आप अपनी स्मरण शक्ती बढा सकेंगे, कद लम्बा कर सकेंगे! इसके इलावा दांन्त-आखें सुन्दर, शरीर मजबूत बना सकेंगे! लड्कियों के
इन दिनों देशभर में बुखार और आईफ्लू के बीमार देखे जा सकते हैं। बीमारी नियन्त्रित नहीं हो रही हैं। महंगे उपचार के बाद भी रोगी मारे भी जा रही हैं।
डॉ. माला मिश्र स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जन सामान्य यह सोचता और समझता था कि देश के स्वतंत्र होते ही सभी समस्याओं का संतोष जनक ढंग से समाधान हो जाएगा।
विजय कुमार कुछ दिन पूर्व दूरदर्शन पर एक मौलाना रमजान का महत्व बता रहे थे। पहले तो उन्होंने इसे अध्यात्म से जोड़ा और फिर स्वास्थ्य रक्षा और शरीर शुद्धि से।
प्यारे बच्चो! मैं आपको कुछ उपयोगी बातें बतलाऊंगा जिनको अपनाकर आप अपनी स्मरण शक्ती बढा सकेंगे, कद लम्बा कर सकेंगे! इसके इलावा दांन्त-आखें सुन्दर, शरीर मजबूत बना सकेंगे! लड्कियों के
Studies over the last 60 years show an alarmingly high rate of coronary heart disease and premature heart disease among Indians. The trend was first observed among Indians in the
अल्जाइमर अथवा विस्मृति रोग वृद्धावस्था का एक असाध्य रोग माना गया है। सन् 1906 में जर्मन डॉ ओलोए अल्जीमीर ने एक महीला के दिमाग के परीक्षण में पाया कि उसमें
एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति की कुछ ऐसी विशेषताएं हैं जिन्हें बारीकी से जानने और समझने की जरूरत है। अभी तक एलोपैथी की विशेषताओं अथवा दोषों को समग्र रूप से जानने-समझने का
यद्यपि ऐलोपैथी का एकछत्र साम्राज्य दुनियाभर के देशों पर नजर आता है पर इसका यह अर्थ बिल्कुल नही कि यह औषध सिद्धांत सही है। ‘दवा-लॉबी ’ का गढ़ माने जाने
भौतिकवादी संस्कृति ने जहां जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को प्रभावित किया है, वहीं मनुष्य का स्वास्थ्य भी इससे न अछूता रहा हो तो इसमें हैरानी की कोई बात नहीं है।
मंदबुद्धि बच्चा वह है जिसका बौद्धिक स्तर उसकी उम्र के अन्य बच्चों की अपेक्षा कम होता है । इसकी वजह से उसका बोलचाल का तरीका व व्यवहार काफी बचकाना होता