लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र – 22
0बौद्धिकता प्रतीक एवं परिचय बौद्धिक लोगों के सत्तारोहण हेतु उनका परस्पर समन्वय आवश्यक है, जिसके लिए परस्पर सहमत व्यक्तियों का एक दूसरे से परिचय भी आवश्यक है. ऐसे लोगों का
लेखिका : – मांडवी शर्मा भारत एक विशालतम, कृषि प्रधान एवं संसाधनों से संपन्न देश है! पृथ्वी पर अगर किसी अन्य देश या जगह को देखे तो पायगे कि इस
43. विविध 43.1 मुख्य चुनाव आयुक्त को कार्यपालिका का प्रधान माना जाएगा और इनकी सहमती, अनुमति या आदेश पर ही सरकारी कर्मचारियों / अधिकारियों का स्थानान्तरण किया जाएगा। 43.2 केन्द्रीय
15 अगस्त का जश्न मनाने को पूरा देश तैयार हो रहा है, अपनी गुलामी से मुक्त हुए 63 साल पूरे कर लिए हमने । हम हिन्दुस्तान से आगे बढ्ते हुए
बौद्धिकता प्रतीक एवं परिचय बौद्धिक लोगों के सत्तारोहण हेतु उनका परस्पर समन्वय आवश्यक है, जिसके लिए परस्पर सहमत व्यक्तियों का एक दूसरे से परिचय भी आवश्यक है. ऐसे लोगों का
24 जनसंख्या नियंत्रण सह महिला सशक्तिकरण 24.1 जनसंख्या वृद्धि के लिये जो सामाजिक तबके और भौगोलिक क्षेत्र मुख्य रुप से जिम्मेवार हैं, उन तबकों तथा क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए
23.स्वास्थ्य 23.1 ‘जन स्वच्छता’ (नाली, शौचालाय, स्नानागार इत्यादि) की जिम्मेवारी ग्राम पंचायतों, नगर/महानगर पालिकाओं को सौंपी जायेगी. 23.2 ‘जन स्वास्थ्य’ (टीकाकरण, मलेरिया की दवा का वितरण इत्यादि) की जिम्मेवारी राज्य
21. बे-सहारों के लिये 21.1 अग्रणी स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से देश में आश्रयों की एक शृँखला (प्रत्येक जिले में एक) कायम की जायेगी, जहाँ लाचार और बे-सहारा लोगों के
जम्मू कश्मीर में जो भयावह हालात अभी बन रहे हैं वो समूचे देश के लिए एक बड़े खतरे को जन्म दे रहें हैं.भारत विरोधी मानसिकता तो हमेशा से कश्मीर के
20. विदेश नीति 20.1 भारत “जम्बूद्वीप” नामक एक संस्था के गठन का प्रस्ताव अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बाँग्लादेश, म्याँमार, कम्बोडिया, इण्डोनेशिया, मलेशिया, श्रीलंका, मालदीव, (मेहमान सदस्यों के रुप में मॉरिशस,
18. चुनाव व्यवस्था 18.1 प्रत्येक जिले को संसदीय चुनाव क्षेत्र तथा प्रखण्ड को विधानसभा चुनाव क्षेत्र का रुप दिया जायेगा. 18.2 इस प्रकार, देश में कुल 405 संसदीय क्षेत्र सीटें
महँगाई के विरोध में तो बहुत आन्दोलन हो रहे हैं पर समर्थन में एक यही आन्दोलन देखा । बड़ा अचरज हुआ कि छाती ठोक कर महंगाई को सही ठहराने वाले
वॉरेन एंडरसन। गोरी चमड़ी और भूरी आंखों वाला अमेरिकी बूढ़ा। उम्र 89 वर्ष। 2-3 दिसम्बर 1984 की रात को गैस रिसाव ने भोपाल में जिस त्रासदी को जन्म दिया उसकी गुनहगार अमेरिकी यूनियन कार्बाइड कंपनी का तत्कालीन चेयरमैन।
आज पूरा देश 1970 के दशकवाली गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है। पूरे देश के जन आन्दोलन और संगठन इन परिस्थितियों पर समग्र रूप से विचार करने और मूलभूत परिवर्तन