कवि हेमंत शेष को डॉ घासीराम वर्मा पुरस्कार
0प्रयास संस्थान की ओर से चूरू के नगरश्री सभागार में शनिवार शाम आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि एवं देश की शीर्षस्थ कथाकारों में शामिल नासिरा शर्मा ने कवि हेमंत शेष
रपट : पल्लव कुमार ,उदयपुर मनुष्य ताड़ पत्र से छापाखाने तक आया है। सब कुछ वैसा ही नहीं है जैसा हजार या पांच हजार बरस पहले था फिर मुद्रित शब्द
पार्टी कल्चर से बहुत ज्यादा ताल्लुक ना होने के बावजूद इस पार्टी ने लुभा लिया। 1984 में आई गोविन्’द निहिलानी की फिल्म पार्टी गर्मियों की पहाड़ी ठंडक का अहसास करते हुए देखी। फिल्म वर्तमान साहित्य जगत के पूरे गड़बड़झाले को उस दौर में भले ही कह गई हो पर आज भी सीन बाई सीन सच्चाई वही है। तल्ख ही सही।
प्रयास संस्थान की ओर से चूरू के नगरश्री सभागार में शनिवार शाम आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि एवं देश की शीर्षस्थ कथाकारों में शामिल नासिरा शर्मा ने कवि हेमंत शेष
रपट : पल्लव कुमार ,उदयपुर मनुष्य ताड़ पत्र से छापाखाने तक आया है। सब कुछ वैसा ही नहीं है जैसा हजार या पांच हजार बरस पहले था फिर मुद्रित शब्द
पार्टी कल्चर से बहुत ज्यादा ताल्लुक ना होने के बावजूद इस पार्टी ने लुभा लिया। 1984 में आई गोविन्’द निहिलानी की फिल्म पार्टी गर्मियों की पहाड़ी ठंडक का अहसास करते हुए देखी। फिल्म वर्तमान साहित्य जगत के पूरे गड़बड़झाले को उस दौर में भले ही कह गई हो पर आज भी सीन बाई सीन सच्चाई वही है। तल्ख ही सही।