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जाति आधारित जनगणना पर कुछ विचार

जाति आधारित जनगणना पर कुछ विचार

5 दीपाली पाण्डेय / 2010/08/20 9:58 pm

जाति आधारित जनगणना को लेकर बुद्धिजीवी वर्ग भले ही दो भागों में बंट गया हो लेकिन हमारे नेता लगभग एकजुट ही हैं | और मंत्रिमंडल की हरी झंडी भी मिल

जनगणना और जाति का विषय

जनगणना और जाति का विषय

0 विजय कुमार / 2010/08/17 6:59 pm

हर दस साल बाद होने वाली जनगणना का कुछ अंश पूरा हो चुका है, जबकि मुख्य काम (संदर्भ बिन्दु) नौ से 28 फरवरी, 2011 तक होगा। इससे संबंधित दो विषय

बुद्धिजीवियों से एक सवाल

बुद्धिजीवियों से एक सवाल

0 डा ० पुरुषोत्तम मीणा / 2010/08/12 11:27 pm

इस देश में जाति के आधार पर जनगणना करने और नहीं करने पर काफी समय से बहस चल रही है। अनेक विद्वान लेखकों ने जाति के आधार पर जनगणना करवाने

भारत इकतीस राज्यों का नहीं, बल्कि छह हजार जातियों का संघ है

भारत इकतीस राज्यों का नहीं, बल्कि छह हजार जातियों का संघ है

0 जनोक्ति डेस्क / 2010/07/29 10:49 am

जाति जनगणना के बगैर लेखक :- शिवदयाल कई बार ऐसा लगता है जैसे भारत इकतीस राज्यों का नहीं, बल्कि छह हजार जातियों का संघ है। जाति को भारतीय समाज का एकमात्र

जनगणना में जाति को शामिल करना देशद्रोह : जाखड़

जनगणना में जाति को शामिल करना देशद्रोह : जाखड़

1 जनोक्ति डेस्क / 2010/07/28 8:53 pm

नई दिल्ली | जनगणना में जाति को शामिल करने के विरोध में “सबल भारत” द्वारा संचालित “मेरी जाति हिंदुस्तानी आंदोलन” ने आज एक विशाल मार्च का आयोजन किया| सैकड़ों, छात्र

” भारत की  जनगणना 2011 ” एक नज़र

” भारत की जनगणना 2011 ” एक नज़र

0 जनोक्ति डेस्क / 2010/07/27 5:18 pm

” भारत की जनगणना 2011 ” काफी चर्चा में है | जाती के आधार को लेकर राजनीतिक बबाल मचा हुआ है जबकि अभी तक कोई निश्चित फैसला सरकार की ओर

मुद्दे और भी हैं ! जाति क्या है

मुद्दे और भी हैं ! जाति क्या है

1 लीना / 2010/07/23 2:42 pm

जातिगत जनगणना के बहाने इन दिनों जाति पर ही बहस छिड़ी है। अच्छी बात है। पर विरोध हो रहा है सिर्फ जातिगत जनगणना को लेकर। धरना प्रदर्शन हो रहे हैं,

तुम, झाड़ू पोछा लगाओ, खाना हम पकवा लेंगे !

तुम, झाड़ू पोछा लगाओ, खाना हम पकवा लेंगे !

1 संजय कुमार / 2010/07/22 7:21 pm

फूलवा को यकीन नहीं हो रहा था, जब उसे पंचायत के गांव में सरकारी योजना मिड-डे-मील के लिए बच्चों का खाना बनाने वाले रसोईये के तौर पर सरकारी मुलाजिम बनाया

जाति विभेद की मानसिकता को हटाना जरूरी है

जाति विभेद की मानसिकता को हटाना जरूरी है

1 कुमारेन्द्र / 2010/07/21 3:49 pm

समाज की स्थापना के समय से ही जाति की अवधारणा किसी न किसी रूप में मौजूद रही थी, भल ही हम इसे वर्ग के रूप में स्वीकार करते हों। पूर्व

अल्पसंख्यक जातियां हासिये पर चली जाएँगी !

अल्पसंख्यक जातियां हासिये पर चली जाएँगी !

7 जयराम "विप्लव" / 2010/07/21 3:40 pm

देश भर में जाति आधारित जनगणना पर जोरदार बहस चल रही है | समर्थन और विरोध के स्वर मुखर हो रहे हैं | एक ओर ” मेरी जात हिन्दुस्तानी ”