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लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र – 7

लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र – 7

0 देवसूफी राम बंसल / 2010/05/28 4:53 pm

न्याय तीसरी प्राथमिकता बौद्धिक लोकतंत्र की तीसरी प्राथमिकता सभी को निःशुल्क त्वरित न्यायप्रदान करना है जो स्वस्थ एवं शिक्षित नागरिकों के सुखी जीवन के लिए अनिवार्य है. स्वतंत्र भारत के के

लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र –6

लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र –6

0 देवसूफी राम बंसल / 2010/05/27 5:42 pm

शिक्षा दूसरी प्राथमिकता बौद्धिक लोकतंत्र जन-शिक्षा को जन-स्वास्थ के बाद सर्वाधिक महत्वपूर्ण मानता है, और इसके लिए समुचित व्यवस्था करता है. इन व्यवस्थाओं के पीछे लक्ष्य है – सभी को निह्शुक

लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र – 5

लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र – 5

0 देवसूफी राम बंसल / 2010/05/25 4:31 pm

स्वास्थ पहली प्राथमिकता प्रत्येक प्राणी के लिए स्वास्थ सर्वोपरि होता है और यह स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए भी एक अनिवार्यता है. चूंकि बौद्धिक जनतंत्र स्वस्थ समाज के लिए लक्ष्यित

लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र – 4

लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र – 4

0 देवसूफी राम बंसल / 2010/05/23 10:23 am

भूमि प्रबंधन उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मनुष्य जाति भूमि का केवल ३ प्रतिशत भाग बस्तियों के लिए उपयोग करती है, इस पर भी विश्व में लगभग ३० प्रतिशत जनसँख्या घरविहीन

लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र – 3

लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र – 3

0 देवसूफी राम बंसल / 2010/05/22 10:11 am

मताधिकार बौद्धिक जनतंत्र सभी वयस्क नागरिकों को एक समान मताधिकार नहीं देता अपितु यह अधिकार नागरिकों की शैक्षिक योग्यता एवं अनुभव पर निर्भर करता है. इस विषय में सर्व प्रथम

लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र – 2

लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र – 2

0 देवसूफी राम बंसल / 2010/05/20 10:09 am

बौद्धिक जनतंत्र में राज्यकर्मी जनता के सच्चे सेवक बना दिए जाते हैं – उनपर नियंत्रण से. इसके लिए विविध प्रावधान निम्नांकित हैं – १. मताधिकार राज्यकर्मी शासन-प्रशासन का अभिन्न अंग

निष्ठापूर्वक आयकर भरने वाले नागरिकों के लिए विशेष प्रावधान हो

निष्ठापूर्वक आयकर भरने वाले नागरिकों के लिए विशेष प्रावधान हो

1 जनोक्ति डेस्क / 2010/05/19 1:21 pm

पाठक बंधुओं , भारतीय लोकतंत्र की वर्तमान दशा -दिशा को देखते हुए भविष्य को लेकर जनोक्ति.कॉम पर इस कॉलम के माध्यम से ” लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र “ नाम से

लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र – 1

लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र – 1

0 देवसूफी राम बंसल / 2010/05/18 10:26 am

प्रमुख अवधारणायें : – बौद्धिक लोकतंत्र अर्थात जनतंत्र में बौद्धिक तत्वों का समावेश जिसका अर्थ है शासन में बुद्धिमान लोगों का वर्चस्व जिससे कि शासन और प्रशासन में कौशल दिखाई

लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र – प्रस्तावना

लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र – प्रस्तावना

0 देवसूफी राम बंसल / 2010/05/16 5:12 pm

लगभग २,००० वर्षों से गुलामी की जंजीरों से जकड़ा भारत और इसके लोग आज बहुत बुरी दशा में हैं – शारीरिक और मानसिक दोनों दृष्टियों से. १९४७ में बलिदानों, सत्य