राष्ट्रपति “पद” न होने से, “क्या देश नहीं चलेगा” ?
0इस समय हमारे देश के जो हालत हैं; वैसे शायद हमारे ज्ञात इतिहास में कभी भी नहीं रहे |इसका सबसे बड़ा कारण;भ्रष्टाचार ( चाहे बौद्धिक हो या आर्थिक) | और
” संघर्ष, मुठभेड़ और युद्ध “ सामान्य रूप से ये तीनों शब्द लगभग एक से लगते हैं; पर इनमें बड़ा अंतर है। ये अलग-अलग संदर्भ में प्रयोग होते हैं और इसीलिए
भाजपा ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया की वह विपक्षी नेताओ के खिलाफ सीबीआई का दुरूपयोग कर रही है. आज राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को इस बात का ज्ञापन सौपा. भाजपा
मुंबई हमले की सुनवाई करते हुए विशेष अदालत द्वारा एक मात्र जिन्दा पकडे गये आतंकवादी अजमल आमिर कसाब को सभी 86 मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है, जबकि दो
इस समय हमारे देश के जो हालत हैं; वैसे शायद हमारे ज्ञात इतिहास में कभी भी नहीं रहे |इसका सबसे बड़ा कारण;भ्रष्टाचार ( चाहे बौद्धिक हो या आर्थिक) | और
” संघर्ष, मुठभेड़ और युद्ध “ सामान्य रूप से ये तीनों शब्द लगभग एक से लगते हैं; पर इनमें बड़ा अंतर है। ये अलग-अलग संदर्भ में प्रयोग होते हैं और इसीलिए
भाजपा ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया की वह विपक्षी नेताओ के खिलाफ सीबीआई का दुरूपयोग कर रही है. आज राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को इस बात का ज्ञापन सौपा. भाजपा
मुंबई हमले की सुनवाई करते हुए विशेष अदालत द्वारा एक मात्र जिन्दा पकडे गये आतंकवादी अजमल आमिर कसाब को सभी 86 मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है, जबकि दो
उत्तर प्रदेश में भाजपा अध्यक्ष पद के लिए मेरठ-हापुड़ लोक सभा सीट से सांसद राजेंद्र अग्रवाल का नाम सामने आते ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश मे पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का
विधायिका के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी स्वागतयोग्य नहीं कही जा सकती है । खास कर जब संसद में आपराधिक तत्वों, पूर्व भ्रष्ट नौकरशाहों और बाहुबलियों का तेजी से
भारत के हर जागरूक नागरिक और बुद्धिजीवी वर्ग को एकजुटता के साथ यह आवाज उठानी चाहिए कि प्रशासनिक सेवकों यानी आईएएस को हर मर्ज की दवा समझने की गलती बार-बार
राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमन्त्री तक नक्सलवाद को देश की सबसे बडी या आतंकवाद के समकक्ष समस्या बता चुके हैं। अनेक लेखक भी वातानुकूलित कक्षों में बैठकर नक्सलवाद के ऊपर खूब
पिछले कुछ समय में नक्सलियों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंसक कार्रवाई करके केंद्र की यूपीए सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती प्रस्तुत की है. साथ ही इससे यह
नक्सलियों के खतरनाक इरादों का जैसा उल्लेख केंद्रीय गृहसचिव ने किया उससे यह साफ हो जाता है कि अभी तक एक बड़े खतरे की जानबूझकर अनदेखी की जा रही थी।