Post Tagged with: "राजेन्द्र सच्चर समिति"

जनगणना और जाति की जटिलताएं

जनगणना और जाति की जटिलताएं

0 जनोक्ति डेस्क / 2010/07/21 2:37 pm

लेखक : - श्रीकांत ‘कहत भिखारी नाइ, कवन करी उपाई । मुंहवा के तोहरे दुलरवा हो बबुआ, कुतुबपुर हउवे ग्राम ,रामजी संवार काम , जाति के हजाम जिला छपरा हो बबुआ

जाति न पूछो साधु की

जाति न पूछो साधु की

1 जनोक्ति डेस्क / 2010/07/21 11:06 am

कबीर का दोहा जाति न पूछो साधु की , पूंछ लीजिये ज्ञान अब पुराना हुआ . जमाना ज्ञान की पूंछ परख का नही है . जमाना नेता जी की पूंछ

जनगणना में जाति की जगह पिछड़ेपन को आधार बनाया जाए |

जनगणना में जाति की जगह पिछड़ेपन को आधार बनाया जाए |

0 अनिकेत प्रियदर्शी / 2010/07/20 10:12 am

आज के समय मे जाति की बात को हम भारतीयों से अलग कर के नही रखा जा सकता है । भारत में जाति आधारित जनगणना इस समय चर्चा में है।

आरक्षण, धर्मनिरपेक्षता एवं अल्पसंख्यकों का विरोध असंवैधानिक!

आरक्षण, धर्मनिरपेक्षता एवं अल्पसंख्यकों का विरोध असंवैधानिक!

2 डा ० पुरुषोत्तम मीणा / 2010/07/19 7:34 pm

सर्वप्रथम हमें यह समझना होगा कि हमारे देश के विभाजन के समय हमारे तत्कालीन नेतृत्व ने सभी धर्मावलम्बियों तथा आदिवासियों एवं दलितों को आश्वस्त किया था कि वे भारत में

वैदिकी जाति जाति न भवतिः……….

वैदिकी जाति जाति न भवतिः……….

4 संजय कुमार / 2010/07/19 6:50 pm

जनगणना से जात हटाओ के नारे के साथ कुछ तथाकथित बिना जात के लोगों ने उपवास और धरना दिया है। चलिये, इस जनत्रंत में सबको कुछ भी कहने-करने की आजादी