कलयुगी चमत्कारी बाबा
2गरीबी और अमीरी दोनों ही मनुष्य को अंधविश्वास की तरफ धकेलते हैं। गरीब अपनी गरीबी से कैसे निजात पाए और अमीर सब ऐशो-आराम के बाद भी सकून की नींद कैसे
शर्म आती है ? किसे ? अरे , हमें और किसको ! अब पूछिए क्यों ? इसलिए कि हम एक ऐसे समाज में जी रहे हैं जहाँ बड़ी आसानी से
गरीबी और अमीरी दोनों ही मनुष्य को अंधविश्वास की तरफ धकेलते हैं। गरीब अपनी गरीबी से कैसे निजात पाए और अमीर सब ऐशो-आराम के बाद भी सकून की नींद कैसे
शर्म आती है ? किसे ? अरे , हमें और किसको ! अब पूछिए क्यों ? इसलिए कि हम एक ऐसे समाज में जी रहे हैं जहाँ बड़ी आसानी से