बड़ें फैसले लेने में जल्दबाजी ठीक नहीं
0यूपीए - 2 इस समय अपने कार्यकाल के सबसे बुरे दौर से गुजर रही है ! सरकार जल्दबाजी और अपने गलत फैसलों के कारण संसद में रोज नए – नए मुद्दे लाकर समूचे विपक्ष समेत अपने
लूट..लूट..लूट॥ जंहा देखो वही मची है लूट । आज महंगाई बे-लगाम हो गई है, बाज़ार में मंडी में जहाँ देखो महंगाई चरम सीमा पर पहुँच गई है। इस महंगाई से
मॉनसून सत्र के तीसरे दिन भी संसद में हंगामा जारी है | सारा विपक्ष एक स्वर में महंगाई के मुद्दे पर चर्चा और मतदान की मांग पर अड़ा हुआ है
दाल चावल आटा सरकार ने मारा चांटा अरे दाल चावल आटा सरकार ने मारा चांटा प्याज नमक को तरस गए हम तो जंगल बेचीं खेत बेच दिया हर टुकड़ा धरती
यूपीए - 2 इस समय अपने कार्यकाल के सबसे बुरे दौर से गुजर रही है ! सरकार जल्दबाजी और अपने गलत फैसलों के कारण संसद में रोज नए – नए मुद्दे लाकर समूचे विपक्ष समेत अपने
लूट..लूट..लूट॥ जंहा देखो वही मची है लूट । आज महंगाई बे-लगाम हो गई है, बाज़ार में मंडी में जहाँ देखो महंगाई चरम सीमा पर पहुँच गई है। इस महंगाई से
मॉनसून सत्र के तीसरे दिन भी संसद में हंगामा जारी है | सारा विपक्ष एक स्वर में महंगाई के मुद्दे पर चर्चा और मतदान की मांग पर अड़ा हुआ है
दाल चावल आटा सरकार ने मारा चांटा अरे दाल चावल आटा सरकार ने मारा चांटा प्याज नमक को तरस गए हम तो जंगल बेचीं खेत बेच दिया हर टुकड़ा धरती
आजाद भारत में जनता के हितों को नजर अंदाज करते हुए केन्द्र की कांग्रेसी सरकार ने गैर जिम्मेदार रवैया दोहराया है।समाजवाद के पुरोधा डा0 राम मनोहर लोहिया ने दशकों पहले
कल देश भर मे बंद का प्रभाव देखा गया , कुछ प्रभाव मैने भी देखे बंद के जिसे अब मैं लिखने जा रहा हूं । सच कहे तो जो स्थिति
अखबारों का क्या दोष है ? अगर डेढ़-दो घंटे की पत्रकार परिषद में आप कोई काम की बात नहीं बोलेंगे तो वही होगा, जो आज अखबारों ने किया है| अगर
यूपीए सरकार ने 22 मई को अपना दूसरे कार्यकाल का पहला जन्मदिन मनाया। वर्तमान हालात में सरकार के पास वैसे तो कहने के लिए बहुत कुछ नही था। मगर ऐसे
26 फरवरी को यूपीए के वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी एक बार फिर देश की जनता के बीच बजट का पिटारा लेकर आने वाले हैं। आम बजट को समर्पित इस तारीख का
विश्वव्यापी आर्थिक संक्रमणकाल में जिसे देखो वही देश के हालात का रोना लेकर बैठा हुआ है। बौद्धिक जुगाली के केंद्र दिल्ली में तो विमर्श की कोई कमी नहीं है। हर