नेताओं एवं नौकरशाहों के लिए चेतावनी हैं थप्पड़
1एक गुस्साए युवक द्वारा केन्द्रीय कृषि मंत्री शरद पवार को थप्पड़ मारने की घटना पर पूरे देश में अफसोस प्रकट किया गया है। आम प्रतिक्रिया यही है कि ऐसी हिंसा से
आप किसी चौराहे से गुजरते वक्त वहां खडे सैंकड़ों लोगो को नोटिस नहीं करते लेकिन यदि उस चौराहे पर कोई शराबी खडा होगा तो तुरंत उसके तरफ ध्यान आकर्षित हो
भारतीय रेल भी भ्रष्टाचार का घर हो गया है| आज के तारीख में अगर आप बिहार या झारखण्ड जाने वाले ट्रेनों में टिकट लेना चाह रहे हैं तो बहुत ही मुस्किल है|
42 वर्षीय प्रौढ़ लोकपाल अब सख्त लोकपाल बनने के मूड में अंततः आ ही गया है। इस उम्र में कुछ अड़ियलपन भीआ जाता है जो सभी देख भी रहे है
एक गुस्साए युवक द्वारा केन्द्रीय कृषि मंत्री शरद पवार को थप्पड़ मारने की घटना पर पूरे देश में अफसोस प्रकट किया गया है। आम प्रतिक्रिया यही है कि ऐसी हिंसा से
जब खाने-पीने की चीजों के दामों में आग लग जाय और रसोई के चूल्हे की आग गैस सिलेंडर महंगा होने से बुझ जाय , सरकार के मंत्री के घोटालो के चलते पूरी सरकार भ्रष्टाचार
हाल के कुछ महीनो में जिस प्रकार से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े बड़े आन्दोलन हुए है चाहे वो आन्दोलन बाबा रामदेव का हो या अन्ना हजारे का हो सबमे सरकार
मित्रों,जब हम बचपने में थे तब हमारे घर के बड़े-बुजुर्ग हमें अक्सर गाँव के तालाब में नहाने से रोका करते थे.चूंकि मारने-डांटने का प्रभाव बच्चों के मन-मस्तिष्क पर बहुत ही
अरे प्रशांत भूषण की पिटाई वाला समाचार आपने सुना ? बड़ी उत्सुकता से एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति ने अपने एक अधेड़ उम्र के साथी से दिल्ली की लाइफ लाइन कही जाने वाली
आज़ादी के इतने वर्षो बाद भी गरीबी और मजाक एक दूसरे का पर्याय बने हुए है अगर ऐसा मान लिया जाय तो कोई अतिशयोक्ति नही होगी ! कम से कम
जान की कीमत लगा दी गई है, मात्र 27 रुपये, इससे सस्ती कीमत पर आपको जान इस महंगाई के युग में कही नहीं मिलेगी. यहाँ इस जूनून के बाज़ार में जान
दिल्ली विश्वविद्यालय में अभाविप के कार्यकर्ताओं व छात्रों ने रैली निकलकर की जनसभा अवनीश कुमार सिंह भ्रष्टाचार के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् द्वारा आयोजित देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में पूरे देश
जब तक है काजल की कोठरी तब तक है दर्पण का डर, और आईना कभी झूठ नहीं बोलता। कहते भी है कि जिसने अपने आपको जान लिया अब उसे जानने
जनाब आजकल की फिजा कुछ ऐसे ही है ! अन्ना हजारे जी का ये शब्द ” जनता राजा है और सरकार जनता की सेवक ” मेरे लिए एक झंझावत से