Post Tagged with: "भ्रष्टाचार"

खुले आम सजता..देह का बाज़ार……

खुले आम सजता..देह का बाज़ार……

3 पूजा सिंह आदर्श / 2010/09/04 11:21 am

शाम हुई सज गए……… कोठों के बाज़ार, मन का गाहक न मिला बिका बदन सौ बार। ये शेर मैंने एक बार किसी कवि सम्मलेन में सुना था,जिसमे मुझे कई नामचीन

मुख्यमंत्री जी, आप ही बताएं आपको वोट क्यों दें ?

मुख्यमंत्री जी, आप ही बताएं आपको वोट क्यों दें ?

1 जनोक्ति डेस्क / 2010/08/22 8:23 am

जनाब मुख्यमंत्री महोदय, आप के वादों पर पिछले चुनाव में मेरे परिवार से आप को 9 वोट दिए गये,इस उम्मीद पर कि मेरा नहीं तो मेरे गाँव का विकास होगा |

“विकास” ही मुख्य मुद्दा होगा बिहार विधानसभा चुनाव में.

“विकास” ही मुख्य मुद्दा होगा बिहार विधानसभा चुनाव में.

0 अजय केशरी / 2010/08/21 8:13 pm

बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और जनता दल (युनाइटेड) के बीच विकास कार्यो का श्रेय लेने की होड़ शुरू हो गई

मनरेगा में सिर्फ पैसा बहाने से कुछ नही होगा

मनरेगा में सिर्फ पैसा बहाने से कुछ नही होगा

1 रमेश भट्ट / 2010/08/21 5:35 pm

आज से लगभग 4 साल पहले देश भर में रोजगार यात्राऐं निकाली जा रही थी। गीत गाया जा रहा था। हमारे लिए काम नही, हमें काम चाहिए। इसी समस्या को

एकछत्र शासन का घोषणापत्र- उपसंहार

एकछत्र शासन का घोषणापत्र- उपसंहार

0 जयदीप शेखर / 2010/08/21 3:47 pm

उपसंहार जब किसी देश का समाज आर्थिक और भौतिक ही नहीं नैतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी समृद्ध हो, जब किसी देश के युवा मस्तिष्क से प्रतिभाशाली, शरीर से बलिष्ठ

स्वतंत्रता बेमानी है !

स्वतंत्रता बेमानी है !

1 अमित कुमार मीत / 2010/08/21 2:02 pm

63 साल बाद भी तिरंगा शान से लाल किले कि प्राचीर पर लहर रहा है.तिरंगे के लहरने का कारण वादियों में चलने वाली हवा है न कि हमारा जोश.वो निरंतर

हिन्दू एक जीवन पद्धति

हिन्दू एक जीवन पद्धति

10 सुनील दत्त / 2010/08/20 8:33 pm

यहाँ पर यह स्पष्ट करना भी जरूरी है कि संसार में हिन्दू धर्म ही एकमात्र ऐसी जीवन पद्धति है जिसे किसी संप्रदाय विशेष के साथ नहीं जोड़ा जा सकता,जिसमें कभी

हिन्दू क्यों नहीं चाहते, हिन्दूवादी सरकार !

हिन्दू क्यों नहीं चाहते, हिन्दूवादी सरकार !

19 डा ० पुरुषोत्तम मीणा / 2010/08/20 4:05 pm

(ऐसे 21 सुधार जो भारतवर्ष को फिर से विश्व गुरु और सोने की चिड़ियाँ बना सकते हैं।) मेरी छोटी सी पृष्ठभूमि : मैं मीणा जाति और आदिवासी वर्ग का राजस्थान

एकछत्र शासन का घोषणापत्र- पश्चकथन

एकछत्र शासन का घोषणापत्र- पश्चकथन

1 जयदीप शेखर / 2010/08/20 3:47 pm

पश्चकथन 1996 से मैंने देश की समस्याओं के समाधान के बारे में लिखना शुरु किया. मैं ‘ऐसा होना चाहिये’, ‘वैसा होना चाहिये’ की शैली में लिख रहा था. तब मैं

भ्रष्टमंडल खेल बना राष्ट्र की प्रतिष्ठा का सवाल

भ्रष्टमंडल खेल बना राष्ट्र की प्रतिष्ठा का सवाल

0 अवनीश सिंह / 2010/08/20 12:33 am

अवनीश सिंह जैसे-जैसे राष्ट्रमंडल खेलों की घडियां नजदीक आती जा रही हैं, वैसे-वैसे खेल से जुडी परियोजनाओं के आयोजकों की परेशानी बढती जा रही हैं। अक्टूबर में होने वाले राष्ट्रमंडल