पंचायत में महिलाओं की भूमिका
1अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव समाप्त हुआ है और झारखण्ड में पंचायत चुनाव चल रहे हैं । ऐसा देखने में आया है कि पंचायत चुनावों में
देश भर में नारी उत्थान (महिला अधिकार) की बात बड़े ही जोर-शोर से उठाई जा रही है लेकिन देश की अधिकाँश महिलाओं को सही मायनों में उनके मौलिक अधिकारों अथवा
भारत-वर्ष में पुरातन काल में नारी शक्ति का अत्यधिक महत्व था।यहाँ की संस्कृति में नारी को एक महान शक्ति के रूप में आदर-सम्मान दिया जाता रहा है।वैदिक काल में इस
13. भारत की नागरिकता 13.1 जो भारतीय मूल के हैं (यानि जिनके पूर्वज भारतीय हैं), जिनका जन्म भारत में हुआ है और जो भारत में ही रहकर आजीविका प्राप्त कर
अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव समाप्त हुआ है और झारखण्ड में पंचायत चुनाव चल रहे हैं । ऐसा देखने में आया है कि पंचायत चुनावों में
देश भर में नारी उत्थान (महिला अधिकार) की बात बड़े ही जोर-शोर से उठाई जा रही है लेकिन देश की अधिकाँश महिलाओं को सही मायनों में उनके मौलिक अधिकारों अथवा
भारत-वर्ष में पुरातन काल में नारी शक्ति का अत्यधिक महत्व था।यहाँ की संस्कृति में नारी को एक महान शक्ति के रूप में आदर-सम्मान दिया जाता रहा है।वैदिक काल में इस
13. भारत की नागरिकता 13.1 जो भारतीय मूल के हैं (यानि जिनके पूर्वज भारतीय हैं), जिनका जन्म भारत में हुआ है और जो भारत में ही रहकर आजीविका प्राप्त कर
आजादी के बाद सन 1950 से लागू भारत के संविधान के भाग तीन मे नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लेख किया गया है । मौलिक अधिकारों का एक खास अर्थ
धर्मनिर्पेक्षता की आड़ में सच को चर गई सच्चर समिति तथा सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रहे रंगनाथ मिश्र ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की ही धज्जियां उड़ा दीं. राजेन्द्र