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राजनीति की भेंट चढ़ गया लोकपाल विधेयक

राजनीति की भेंट चढ़ गया लोकपाल विधेयक

0 तेजवानी गिरिधर / 2012/01/05 9:38 pm

हर बार किसी न किसी कारण से पारित होने से रुका लोकपाल विधेयक इस बार देशभर में कथित रूप से उठे बड़े जनआंदोलन के बावजूद राजनीति की भेंट चढ़ गया।

भाजपा है भ्रष्टाचार मिटाने को प्रतिबद्ध

भाजपा है भ्रष्टाचार मिटाने को प्रतिबद्ध

0 सुमित श्रीवास्तव / 2011/11/04 2:26 am

हाल के कुछ महीनो में जिस प्रकार से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े बड़े आन्दोलन हुए है चाहे वो आन्दोलन बाबा रामदेव का हो या अन्ना हजारे का हो सबमे सरकार

मिलावट के इस दौर में असली बचा न कोय

मिलावट के इस दौर में असली बचा न कोय

2 डॉ. शशि तिवारी / 2011/10/12 8:25 pm

व्यक्ति की पहचान पहले उसके नाम से बाद में उसके कार्यों से होती है। कार्यों के गुण-दोषों केे ही आधार पर लम्बे समय के बाद उसकी छबिबनती एवं असावधानी से

गुटबाजी छोड़ पिछड़ों -दलितों में जनाधार बढ़ाये भाजपा

गुटबाजी छोड़ पिछड़ों -दलितों में जनाधार बढ़ाये भाजपा

3 जनोक्ति डेस्क / 2011/06/23 12:12 pm

भारतीय जनता पार्टी के ऊपर अक्सर बनिया-ब्राह्मण पार्टी होने का आरोप लगता रहा है | प्रमोद महाजन की असामयिक मौत के बाद से ही पार्टी की हालात खस्ता है और

एक चेतावनी है ‘रूपम पाठक ‘ !

एक चेतावनी है ‘रूपम पाठक ‘ !

3 डा ० पुरुषोत्तम मीणा / 2011/01/07 7:51 pm

सारे देश में लोगों के लिये यह खबर एक नया सन्देश लेकर आयी है कि-बिहार विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के टिकिट पर चुनकर आये बाहुबली विधायक राजकिशोर केसरी का

दूध का दूध और पानी का पानी

दूध का दूध और पानी का पानी

0 पवन कुमार अरविंद / 2010/10/28 12:36 pm

कांग्रेस शासित राजस्थान पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने अजमेर धमाके की जाँच पूर्ण किए बिना ही इन्द्रेश कुमार का नाम उछाल दिया है। इन्द्रेश कुमार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

अब विकास की लहर चलने वाली है

अब विकास की लहर चलने वाली है

0 अजय केशरी / 2010/10/22 12:53 pm

बिहार का चुनाव क्या हो रहा है सभी छोटे बड़े राजनेताओं कि जुबान पर बस विकाश का ही मुद्दा छाया हुआ है। अब हर नेता अपनी जनसभा में केवल विकास

ये सियासत ही है

ये सियासत ही है

0 अनिकेत प्रियदर्शी / 2010/10/20 7:05 am

क्या यह वही आपत्तिकालीन समय है, जिसमें आपत्ति धर्म का अर्थ है-सामान्य सुख-सुविधाओं की बात ताक पर रख देना और वह करने में जुट जाना जिसके लिए मनुष्य की गरिमा

“किसे वोट दे” बिहार चुनाव

“किसे वोट दे” बिहार चुनाव

0 अजय केशरी / 2010/10/19 12:05 pm

बिहार में चुनावी जंग छिड़ी है सभी पार्टियाँ अपने-अपने तरीके से चुनावी प्रचार शुरू कर दिए है. सभी पार्टियों के दिग्गज नेता कमर कस कर चुनावी मैदान में उतार चुके

बिहार चुनाव में परिवारवाद चरम पर

बिहार चुनाव में परिवारवाद चरम पर

5 जयराम "विप्लव" / 2010/10/19 6:46 am

नेहरु-गाँधी खानदान ने भारतीय राजनीति को वंशवाद का तौहफा दिया था | एक समय था देश में जब भी वंशवाद की चर्चा होती तो गाँधी परिवार तक ही सिमट कर