कश्मीर-स्वायत्तता बनाम विस्थापितों की समस्या ?
2इस बात से कोई भी इनकार नहीं कर सकता कि कश्मीर का अन्तर्राष्ट्रीयकरण करने के लिये बहुत कुछ तत्कालीन प्रधानमन्त्री जवाहर लाल नेहरू की अपरिपक्वता एवं अन्तर्राष्ट्रीय मामलों में उनकी
अखबारों का क्या दोष है ? अगर डेढ़-दो घंटे की पत्रकार परिषद में आप कोई काम की बात नहीं बोलेंगे तो वही होगा, जो आज अखबारों ने किया है| अगर
यूपीए सरकार ने 22 मई को अपना दूसरे कार्यकाल का पहला जन्मदिन मनाया। वर्तमान हालात में सरकार के पास वैसे तो कहने के लिए बहुत कुछ नही था। मगर ऐसे
इस बात से कोई भी इनकार नहीं कर सकता कि कश्मीर का अन्तर्राष्ट्रीयकरण करने के लिये बहुत कुछ तत्कालीन प्रधानमन्त्री जवाहर लाल नेहरू की अपरिपक्वता एवं अन्तर्राष्ट्रीय मामलों में उनकी
अखबारों का क्या दोष है ? अगर डेढ़-दो घंटे की पत्रकार परिषद में आप कोई काम की बात नहीं बोलेंगे तो वही होगा, जो आज अखबारों ने किया है| अगर
यूपीए सरकार ने 22 मई को अपना दूसरे कार्यकाल का पहला जन्मदिन मनाया। वर्तमान हालात में सरकार के पास वैसे तो कहने के लिए बहुत कुछ नही था। मगर ऐसे