साफ़-सुथरे छात्र संघ चुनाव कैसे हों ?
0छात्रसंघ चुनाव में लिंगदोह की सिफारिशों को लागू कराने के लिए चर्चा में रहा दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन इस साल भी मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी निभाने के दावे कर रहा है |
गीता ताई गुंडे, महिला समन्वयक, रा.स्व.संघ विश्वभर में छात्र-छात्राओं की विशेषतः महाविद्यालय-विश्वविद्यालयों में पढ़ने वालों की एक विशेषता है शिक्षित युवक होने के नाते वे स्वयं विचार कर सकते हैं,
डूसू में तो अभी व होना बाकी है लेकिन राजस्थान से एबीवीपी के लिए अच्छी खबर है. वहां के 6 में से 5 विश्वविद्यालयो में एबीवीपी की जीत हुई है.
वामपंथी संगठन आइसा की एक छात्रा प्रत्याशी द्वारा एबीवीपी पर लगाये गये आरोपों को सिरे से गलत बताते हुए उपाध्यक्ष पद की प्रत्याशी प्रिया डबास ने कहा एबीवीपी की बढ़त
छात्रसंघ चुनाव में लिंगदोह की सिफारिशों को लागू कराने के लिए चर्चा में रहा दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन इस साल भी मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी निभाने के दावे कर रहा है |
डूसू चुनाव में एबीवीपी से अध्यक्ष पद के उम्मीदवार जितेंद्र चौधरी ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया है कि वो एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के खिलाफ कोई कार्रवाई
“छात्र राजनीति” युवावों के लिए बहुत मायने रखती है! ये उनका प्रथम राजनीतिक अनुभव है! ये कहें तो शायद अतिश्योक्ती नहीं होगी कि छात्र राजनीति, मूल राजनीति कि तरफ युवाओं