युवाओं से आह्वान
1हम युवाओं से आह्वान करते हैं की वे हमारी पार्टी में शामिल हों। अंग्रेजों के ज़माने की पार्टी है, न केवलअंग्रेजों के ज़माने की पार्टी है; अपितु अंग्रेजों के नक़्शे-कदम
भारतीय राजनीति आज समाजसेवा का माध्यम न रहकर सत्ता प्राप्ति और सुनियोजित तरीके से जनता की मेहनत की कमाई को लूटने का जरिया बन गई है।लोकसभा चुनावों में,विधानसभा चुनावों में,पंचायती
लगता है देश में कांग्रेस शासन से फैली महंगाई का असर अब छात्र संघ चुनावों पर भी पड़ने लगा है. मीडिया की सरकारपरस्ती के कारण युवाओ के चहेते बताये जाने
डूसू चुनाव में एनएसयूआई उम्मीदवारों को करारी शिकस्त देते हुए एबीवीपी के जितेन्द्र चौधरी (अध्यक्ष), प्रियंका डबास (उपाध्यक्ष) और नीतू डबास (सचिव) ने जीत हासिल की | जबकि कांग्रेस के
हम युवाओं से आह्वान करते हैं की वे हमारी पार्टी में शामिल हों। अंग्रेजों के ज़माने की पार्टी है, न केवलअंग्रेजों के ज़माने की पार्टी है; अपितु अंग्रेजों के नक़्शे-कदम
भारतीय राजनीति आज समाजसेवा का माध्यम न रहकर सत्ता प्राप्ति और सुनियोजित तरीके से जनता की मेहनत की कमाई को लूटने का जरिया बन गई है।लोकसभा चुनावों में,विधानसभा चुनावों में,पंचायती
लगता है देश में कांग्रेस शासन से फैली महंगाई का असर अब छात्र संघ चुनावों पर भी पड़ने लगा है. मीडिया की सरकारपरस्ती के कारण युवाओ के चहेते बताये जाने
डूसू चुनाव में एनएसयूआई उम्मीदवारों को करारी शिकस्त देते हुए एबीवीपी के जितेन्द्र चौधरी (अध्यक्ष), प्रियंका डबास (उपाध्यक्ष) और नीतू डबास (सचिव) ने जीत हासिल की | जबकि कांग्रेस के
दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव को लेकर देश भर की निगाहें लगी रहती हैं क्योंकि आज भी दिल्ली-एनसीआर की राजनीति से लेकर राष्ट्रीय राजनीति में यहाँ के छात्र संघ
गीता ताई गुंडे, महिला समन्वयक, रा.स्व.संघ विश्वभर में छात्र-छात्राओं की विशेषतः महाविद्यालय-विश्वविद्यालयों में पढ़ने वालों की एक विशेषता है शिक्षित युवक होने के नाते वे स्वयं विचार कर सकते हैं,
डूसू में तो अभी व होना बाकी है लेकिन राजस्थान से एबीवीपी के लिए अच्छी खबर है. वहां के 6 में से 5 विश्वविद्यालयो में एबीवीपी की जीत हुई है.
वामपंथी संगठन आइसा की एक छात्रा प्रत्याशी द्वारा एबीवीपी पर लगाये गये आरोपों को सिरे से गलत बताते हुए उपाध्यक्ष पद की प्रत्याशी प्रिया डबास ने कहा एबीवीपी की बढ़त
लिंगदोह की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थी परिषद् अपना पूरा चुनावी अभियान कम से कम खर्च में चला रहा है | कम से कम पैसों में चुनाव लड़ने
एबीवीपी से सचिव पद की प्रत्याशी नीतू डबास ने कहा है कि कश्मीर घाटी के युवाओं को देश की मुख्यधारा से जुड़ना चाहिए और देश के विकास में सहयोग करना