बिनायक सेन,नक्सलवाद और पिछड़ेपन की वजह
2भाकपा (माओवादी) हिंसा में विश्वास रखने वाले तथाकथित कम्युनिस्टों का एक संगठन है जिन्होंने बंगाल के नक्सलबाड़ी गांव से 1967 में सशस्त्र क्रांतिकारी गतिविधियों का रास्ता अपनाया | आज भारत
मेरे मन में एक प्रश्न बार-बार उठता है कि भारत में कितने ऐसे “राहुल” होंगे जिनके आगे “गाँधी” नहीं लगा होगा ? वो क्या करते होंगे ? बेरोजगार नहीं होंगे
आखिर राहुल- महिमामंडन में कांग्रेस पार्टी इस प्रकार क्यूँ जुटी है ? क्या कांग्रेस को यह डर हो गया है कि राहुल कि लोकप्रियता में जबरदस्त कमी आयी है |
राहुल गांधी। इस समय कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हैं और युवा कांग्रेस की देखरेख की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्हें भविष्य का प्रधानमंत्री कहा जाता है, हालांकि उन्होंने कभी नहीं
भाकपा (माओवादी) हिंसा में विश्वास रखने वाले तथाकथित कम्युनिस्टों का एक संगठन है जिन्होंने बंगाल के नक्सलबाड़ी गांव से 1967 में सशस्त्र क्रांतिकारी गतिविधियों का रास्ता अपनाया | आज भारत
मेरे मन में एक प्रश्न बार-बार उठता है कि भारत में कितने ऐसे “राहुल” होंगे जिनके आगे “गाँधी” नहीं लगा होगा ? वो क्या करते होंगे ? बेरोजगार नहीं होंगे
आखिर राहुल- महिमामंडन में कांग्रेस पार्टी इस प्रकार क्यूँ जुटी है ? क्या कांग्रेस को यह डर हो गया है कि राहुल कि लोकप्रियता में जबरदस्त कमी आयी है |
राहुल गांधी। इस समय कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हैं और युवा कांग्रेस की देखरेख की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्हें भविष्य का प्रधानमंत्री कहा जाता है, हालांकि उन्होंने कभी नहीं
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी ने देशभक्त संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना प्रतिबंधित और कुख्यात आतंकी संगठन सिमी से करके अपने नासमझी और अपरिपक्वता का ठोस परिचय दिया
मंगलवार को मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ में कांग्रेस महासचिव और गाँधी परिवार के युवराज राहुल गाँधी ने कहा कि उनकी नजर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और प्रतिबंधित स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट
आजकल लोकतान्त्रिक राजवंश के युवराज राहुल गांधी युवाओं को खुद से जोड़ने का अभियान जोर-शोर से सरकारी पैसे पर चला रहे हैं । इसी अभियान के तहत राहुल कभी बिहार
गरीब के घर भी मेहमान आता है तो अपनी हैसियत के हिसाब से कुछ न कुछ उपहार जरुर ले आता है . आजकल दलित बस्तियों में एक राष्ट्रीय मेहमान खाली