लोकतंत्र से आगे बौद्धिक लोकतंत्र – 25
0बौद्धिक जनतंत्र में तुरंत क्या किया जायेगा बौद्धिक जनतंत्र संपूर्ण रूप में एक नवीन व्यवस्था है जिसमें शोषण के लिए कोई स्थान नहीं है. अतः अनेक शक्तिशाली लोग इसका विरोध
भाजपा की वसुन्धरा राजे सरकार को भ्रष्ट और भू-माफिया से साठगांठ रखने वाली सरकार घोषित करके जनता से विकलांग समर्थन हासिल करने वाली राजस्थान की काँग्रेस सरकार में भी इन
बरांबकी उन 200 जिलों में से एक था जिसे साल 2006 में महात्मा गांधी नरेगा के तहत चुना गया। यहां योजना को लागू हुए चार साल से ज्यादा बीत चुके
राजेश त्रिपाठी फिल्म ‘पीपली लाइव’ का ‘नत्था’ भले ही न मरता हो और उसकी मौत का इंतजार करते मीडिया को भले ही निराशा हुई हो लेकिन हकीकत कुछ और ही
बौद्धिक जनतंत्र में तुरंत क्या किया जायेगा बौद्धिक जनतंत्र संपूर्ण रूप में एक नवीन व्यवस्था है जिसमें शोषण के लिए कोई स्थान नहीं है. अतः अनेक शक्तिशाली लोग इसका विरोध
भारत का मनोवैज्ञानिक यथार्थ भारतीय समाज के बारे में सार्थक कार्य करने वाला कोई भी समाज शास्त्री भारत के मनोवैज्ञानिक यथार्थ की अनदेखी नहीं कर सकता. इसलिए भारतीय समाज पर
शासन और व्यवस्था का अंतराल भारत में बौद्धिक जनतंत्र की स्थापना की दिशा में कदम रखने से पूर्व हम अपने बौद्धिक साथियों को शासन और व्यवस्था के शब्द जाल से
नक्सली हिंसा से निपटने की ताजा रणनीति के तहत केन्द्र सरकार ने नक्सल प्रभावित राज्यों के सीएम ( मुख्यमंत्रियों) के साथ प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के साथ एक बैठक आयोजित
25. देह व्यापार 25.1 देह-व्यापार उन्मूलन की दिशा में पहले से कार्यरत सामाजिक संगठनों को सरकार की ओर से इस कुप्रथा को समाप्त करने के लिये अधिकृत किया जायेगा और
बौद्धिकता प्रतीक एवं परिचय बौद्धिक लोगों के सत्तारोहण हेतु उनका परस्पर समन्वय आवश्यक है, जिसके लिए परस्पर सहमत व्यक्तियों का एक दूसरे से परिचय भी आवश्यक है. ऐसे लोगों का
24 जनसंख्या नियंत्रण सह महिला सशक्तिकरण 24.1 जनसंख्या वृद्धि के लिये जो सामाजिक तबके और भौगोलिक क्षेत्र मुख्य रुप से जिम्मेवार हैं, उन तबकों तथा क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए
23.स्वास्थ्य 23.1 ‘जन स्वच्छता’ (नाली, शौचालाय, स्नानागार इत्यादि) की जिम्मेवारी ग्राम पंचायतों, नगर/महानगर पालिकाओं को सौंपी जायेगी. 23.2 ‘जन स्वास्थ्य’ (टीकाकरण, मलेरिया की दवा का वितरण इत्यादि) की जिम्मेवारी राज्य
21. बे-सहारों के लिये 21.1 अग्रणी स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से देश में आश्रयों की एक शृँखला (प्रत्येक जिले में एक) कायम की जायेगी, जहाँ लाचार और बे-सहारा लोगों के
जम्मू कश्मीर में जो भयावह हालात अभी बन रहे हैं वो समूचे देश के लिए एक बड़े खतरे को जन्म दे रहें हैं.भारत विरोधी मानसिकता तो हमेशा से कश्मीर के