आप कैसे युवा हैं ?
1(जिन्हें भारत एक गड़रियों का देश था पढ़ाया गया है जिन्हें ये पढाया गया है कि हिन्दू धर्म ग्रंथों में केवल कहानिया हैं और कुछ नहीं, कैसे युवा हैं आप
प्रिय आत्मन ! सेक्स चिंतन की कड़ियाँ पिछले कुछ महीनों से जुड़ नहीं पा रही थी | आज थोड़ी फुरसत में कुछ मानवोपयोगी तथ्यों के आलोक में इस श्रृंखला को
आज लिखने तो बैठ गया हूँ, पर अपने को यह समझा नहीं पा रहा हूँ की आखिर आज का विषय क्या होगा ? कुछ सोचने की कोशिश करता हूँ तो
उस दिन नए थिंकर पढ़ाए जाने वाले थे, जर्मी बैंथम। पहले दिन तो विद्यार्थियों की उपस्थिति ठीक ही रहती है। उस दिन भी अच्छी भीड़ थी। बैंथम का प्रारंभिक परिचय
(जिन्हें भारत एक गड़रियों का देश था पढ़ाया गया है जिन्हें ये पढाया गया है कि हिन्दू धर्म ग्रंथों में केवल कहानिया हैं और कुछ नहीं, कैसे युवा हैं आप
प्रिय आत्मन ! सेक्स चिंतन की कड़ियाँ पिछले कुछ महीनों से जुड़ नहीं पा रही थी | आज थोड़ी फुरसत में कुछ मानवोपयोगी तथ्यों के आलोक में इस श्रृंखला को
आज लिखने तो बैठ गया हूँ, पर अपने को यह समझा नहीं पा रहा हूँ की आखिर आज का विषय क्या होगा ? कुछ सोचने की कोशिश करता हूँ तो
उस दिन नए थिंकर पढ़ाए जाने वाले थे, जर्मी बैंथम। पहले दिन तो विद्यार्थियों की उपस्थिति ठीक ही रहती है। उस दिन भी अच्छी भीड़ थी। बैंथम का प्रारंभिक परिचय
भारतीयों के लिए ढाई हज़ार साल से जीवन के हर क्षेत्र में मार्गदर्शक का कार्य करने वाली गीता सर्व शास्त्र शिरोमणि है, इस बात में कोई संदेह नहीं है, किंतु
जैसे कोई ड्रामा है, वैसे ही यह भी ड्रामा है, लेकिन वे हद के ड्रामा होते हैं और यह तुम्हारा ५००० वर्षों का बेहद का ड्रामा है|” [शिवबाबा] सन १९३६-३७,
खुशी मनाने के कुछ बिन्दु 1- आपके परिवार के बेटे-बेटी मानने लगें कि उनका जन्म आपके परिवार की अभिलाषा नहीं वरन् उन बच्चों के माता-पिता के शारीरिक सुखों की परिणति
मानव संसाधन बौद्धिक लोकतंत्र मानव संसाधन विकास को ही अपना उत्तरदायित्व नहीं मानता अपितु इसके सम्यक उपयोग के लिए भी तत्पर है. जबकि वर्त्तमान भारतीय जनतंत्र जनसँख्या वृद्धि कहकर उपयोग से
बौद्धिक लोकतंत्र में धर्म की जगह बौद्धिक जनतंत्र की सुनिश्चित मान्यता है कि धर्मों और सम्प्रदायों ने मानव समाज को विभाजित कर घोर अहित किया है तथापि यह प्रत्येक व्यक्ति
भारत में मुसलमान वर्ग अन्य समुदायों के मुक़ाबले बहुत ज़्यादा पिछड़ा है. इसकी एक अहम वजह यह है कि वे अपनी पुरातनपंथी मानसिकता के दायरे से बाहर आने की कोशिश