हदों की हदें, पार कर रहा है कोई
0पल-पल नज़र में मुझे भर रहा है कोई……… दिल पर असर गहरा, कर रहा है कोई……… बो क्यों लगाते हैं, काज़ल आँखों में, इतना जिसके लिए हर पल, ज़ल रहा
इस दिल को कुछ हो गया है लगता है मुझको ये खो गया है कोई लाके इस दिल को दे जाए जरा वो पाएगा मुझसे प्यार मेरा इस दिल को कुछ हो
गम का है मौसम, मौसम जुदाई का, तुझको कसम है जाना, तेरी खुदाई का, गम का है मौसम………………. तुझको मैं भूलूं, भूल न पाऊ मैं, विरहा की अगनी में, जलता
पल-पल नज़र में मुझे भर रहा है कोई……… दिल पर असर गहरा, कर रहा है कोई……… बो क्यों लगाते हैं, काज़ल आँखों में, इतना जिसके लिए हर पल, ज़ल रहा
इस दिल को कुछ हो गया है लगता है मुझको ये खो गया है कोई लाके इस दिल को दे जाए जरा वो पाएगा मुझसे प्यार मेरा इस दिल को कुछ हो
गम का है मौसम, मौसम जुदाई का, तुझको कसम है जाना, तेरी खुदाई का, गम का है मौसम………………. तुझको मैं भूलूं, भूल न पाऊ मैं, विरहा की अगनी में, जलता