आम लोगों की एकजुटता से झुकेगी सत्ता
0आज हमारे लिये सबसे जरूरी और महत्वपूर्ण है कि देश या समाज के लिये न सही, कम से कम अपने आपके और अपनी आने वाली पीढियों के सुखद एवं सुरक्षित
भाजपा की वसुन्धरा राजे सरकार को भ्रष्ट और भू-माफिया से साठगांठ रखने वाली सरकार घोषित करके जनता से विकलांग समर्थन हासिल करने वाली राजस्थान की काँग्रेस सरकार में भी इन
बरांबकी उन 200 जिलों में से एक था जिसे साल 2006 में महात्मा गांधी नरेगा के तहत चुना गया। यहां योजना को लागू हुए चार साल से ज्यादा बीत चुके
जाति आधारित जनगणना को लेकर बुद्धिजीवी वर्ग भले ही दो भागों में बंट गया हो लेकिन हमारे नेता लगभग एकजुट ही हैं | और मंत्रिमंडल की हरी झंडी भी मिल
आज हमारे लिये सबसे जरूरी और महत्वपूर्ण है कि देश या समाज के लिये न सही, कम से कम अपने आपके और अपनी आने वाली पीढियों के सुखद एवं सुरक्षित
भाजपा की वसुन्धरा राजे सरकार को भ्रष्ट और भू-माफिया से साठगांठ रखने वाली सरकार घोषित करके जनता से विकलांग समर्थन हासिल करने वाली राजस्थान की काँग्रेस सरकार में भी इन
बरांबकी उन 200 जिलों में से एक था जिसे साल 2006 में महात्मा गांधी नरेगा के तहत चुना गया। यहां योजना को लागू हुए चार साल से ज्यादा बीत चुके
जाति आधारित जनगणना को लेकर बुद्धिजीवी वर्ग भले ही दो भागों में बंट गया हो लेकिन हमारे नेता लगभग एकजुट ही हैं | और मंत्रिमंडल की हरी झंडी भी मिल
हर दस साल बाद होने वाली जनगणना का कुछ अंश पूरा हो चुका है, जबकि मुख्य काम (संदर्भ बिन्दु) नौ से 28 फरवरी, 2011 तक होगा। इससे संबंधित दो विषय
इस देश में जाति के आधार पर जनगणना करने और नहीं करने पर काफी समय से बहस चल रही है। अनेक विद्वान लेखकों ने जाति के आधार पर जनगणना करवाने
जाति जनगणना के बगैर लेखक :- शिवदयाल कई बार ऐसा लगता है जैसे भारत इकतीस राज्यों का नहीं, बल्कि छह हजार जातियों का संघ है। जाति को भारतीय समाज का एकमात्र
नई दिल्ली | जनगणना में जाति को शामिल करने के विरोध में “सबल भारत” द्वारा संचालित “मेरी जाति हिंदुस्तानी आंदोलन” ने आज एक विशाल मार्च का आयोजन किया| सैकड़ों, छात्र
” भारत की जनगणना 2011 ” काफी चर्चा में है | जाती के आधार को लेकर राजनीतिक बबाल मचा हुआ है जबकि अभी तक कोई निश्चित फैसला सरकार की ओर
जातिगत जनगणना के बहाने इन दिनों जाति पर ही बहस छिड़ी है। अच्छी बात है। पर विरोध हो रहा है सिर्फ जातिगत जनगणना को लेकर। धरना प्रदर्शन हो रहे हैं,