खेल भावना और खबरिया चैनल
0लेखक: सुनील बघेल आजकल भारतीय इलेक्ट्रानिक मीडिया में खबरों का खासा अकाल पड़ा हुआ है. 24 घंटे खबरे देना है, 24घंटे प्रतिद्वंद्वी चैनल के साथ टीआरपी की जंग लड़नी है
लो जी हो गया बंटाधार……….. इसे कह्ते है, गये थे हरिभजन को, ओटन लगे कपास । जी ..हमारे क्रिकेटरों की ही बात हो रही है । कहां विश्व कप शुरू
दिल्ली के ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में कुछ दिनों पहले जब हॉकी विश्वकप का आगाज हुआ था, तो क्रिकेट को धर्म की तरह पूजने वाले भारतीय खेल प्रेमियों ने अपने क्रिकेट
लेखक: सुनील बघेल आजकल भारतीय इलेक्ट्रानिक मीडिया में खबरों का खासा अकाल पड़ा हुआ है. 24 घंटे खबरे देना है, 24घंटे प्रतिद्वंद्वी चैनल के साथ टीआरपी की जंग लड़नी है
लो जी हो गया बंटाधार……….. इसे कह्ते है, गये थे हरिभजन को, ओटन लगे कपास । जी ..हमारे क्रिकेटरों की ही बात हो रही है । कहां विश्व कप शुरू
दिल्ली के ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में कुछ दिनों पहले जब हॉकी विश्वकप का आगाज हुआ था, तो क्रिकेट को धर्म की तरह पूजने वाले भारतीय खेल प्रेमियों ने अपने क्रिकेट