हर साख पे भ्रष्टाचारी बैठा है !
4बिहार में 11.500 करोड़ रुपयों के वित्तीय अनियमितता की बात सीएजी की रपट में सामने आई है. ये हेराफेरी का मामला वर्ष 2002 से 2008 के बीच का हैं .पटना
चुनाव में दो तरह की चुनौती होती हैं एक तो जनता को रिझाने की और दूसरी बिखरते कुनबे को समेटने की। नेता और दल सही मायनों में वही कहलाता है
दौडा-दौडा भागा भागा सा….जी हां आज बिहार की राजनीति के हाल की चाल लगभग इसी तरह की हो चुकी है । चुनाव से पहले जितनी पैंतरेबाजी हो सकती है सब
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक विश्लेषक उहापोह की स्थति में हैं | कौन दल जीतेगा या कौन हारेगा ? बात केवल इतनी सी नहीं है | असल मुद्ददा है
बिहार में 11.500 करोड़ रुपयों के वित्तीय अनियमितता की बात सीएजी की रपट में सामने आई है. ये हेराफेरी का मामला वर्ष 2002 से 2008 के बीच का हैं .पटना
अशोक सम्राट की नगरी पाटलिपुत्र, गौतम बुद्ध एवं महाबीर की ज्ञान स्थली, गुरु गोविन्द सिंह की जन्म-स्थली, राजनीति के सबसे बड़े ज्ञाता चाणक्य की धरती, महात्मा गाँधी एवं लोकनायक जयप्रकाश नारायण की कर्म भूमि पर जो माननीय विधायकों
एक के बाद एक सात गमलों का काम तमाम कर दिया ..ऐसी हुंकारे भर रही थी मानो साक्षात देवी काली प्रलय मचाने विधान मंडल में उतर गई हों । अचानक
आज दिनांक २०/०७/२०१० दिन मंगल वार को बिहार विधान सभा का तापमान एकाएक ऐसा बढ़ा कि हमारे माननीय सदस्य गण अपना आपा खो दिए और बिहार के चहरे पर एक
पहले चारा चोर गद्दी चोर और अब खजाना चोर गद्दी चोर…….शर्म..शर्म..शर्म और कुछ नही । ये है हाल बिहार विधानसभा का । अचानक जनता के रहनुमा बने इन तांडवकारी विधायकों