1 सौ राजा = 1पवार और 10 हजार पवार = ?
2New accounting terminology to go into effect: 1 करोड़ = 1 खोका 500 करोड़ = 1 कोड़ा 1000 करोड़ = 1 राडिया 10000 करोड़ = 1 कलमाड़ी 100000 करोड़ =
हकीम लुकमान ने दुकान खोली, तो आज हर दिन की अपेक्षा अधिक रोगी दिखाई दिये। इतना ही नहीं, कई अति विशिष्ट जन (वी.आई.पी) भी उनकी प्रतीक्षा में था। हकीम साहब
बिहार की राजनीति और चुनाव की जांच-पड़ताल कर रहे हैं संजय शर्मा बदलाव की इच्छा जब जब बलवती हुई है, बिहार के चुनाव का आधार जातिगत नहीं रहा . 1977
बिहार विधानसभा चुनाव का चौथा चरण सोमवार को शांतिपूर्वक संपन्न हो गया | चौथे चरण में बिहार के 42 विधानसभा क्षेत्रों में 51 प्रतिशत मतदाताओं ने चुनाव प्रक्रिया में भाग
New accounting terminology to go into effect: 1 करोड़ = 1 खोका 500 करोड़ = 1 कोड़ा 1000 करोड़ = 1 राडिया 10000 करोड़ = 1 कलमाड़ी 100000 करोड़ =
हकीम लुकमान ने दुकान खोली, तो आज हर दिन की अपेक्षा अधिक रोगी दिखाई दिये। इतना ही नहीं, कई अति विशिष्ट जन (वी.आई.पी) भी उनकी प्रतीक्षा में था। हकीम साहब
बिहार की राजनीति और चुनाव की जांच-पड़ताल कर रहे हैं संजय शर्मा बदलाव की इच्छा जब जब बलवती हुई है, बिहार के चुनाव का आधार जातिगत नहीं रहा . 1977
बिहार विधानसभा चुनाव का चौथा चरण सोमवार को शांतिपूर्वक संपन्न हो गया | चौथे चरण में बिहार के 42 विधानसभा क्षेत्रों में 51 प्रतिशत मतदाताओं ने चुनाव प्रक्रिया में भाग
बिहार विधान सभा चुनाव में उड़न खटोला (हेलीकाप्टर) का प्रयोग धड़ल्ले से सभी पार्टियाँ अपने चुनाव प्रचार में कर रही है, चाहे वो कांग्रेस पार्टी हो या राजद, लोजपा हो
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे दौर में 45 सीटों पर लगभग 53 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया | रविवार 24अक्तूबर को दूसरे चरण में बिहार के छह जिले दरभंगा(10 सीटें),
बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार में सभी पार्टियों के नेता अपने-अपने तरीके से अपने पार्टी की बाते जनता के सामने रखी है। आरजेडी सुप्रीमो श्री लालू प्रसाद…. जनता कि सरकार जनता के
बिहार का चुनाव क्या हो रहा है सभी छोटे बड़े राजनेताओं कि जुबान पर बस विकाश का ही मुद्दा छाया हुआ है। अब हर नेता अपनी जनसभा में केवल विकास
21 अक्तूबर गुरुवार को बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में सभी 47 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान का काम संपन्न हो गया । पहले चरण में 54.31 प्रतिशत मतदाताओं ने
क्या यह वही आपत्तिकालीन समय है, जिसमें आपत्ति धर्म का अर्थ है-सामान्य सुख-सुविधाओं की बात ताक पर रख देना और वह करने में जुट जाना जिसके लिए मनुष्य की गरिमा