Post Tagged with: "ग्रामीण भारत"

इकोनोमी से देश के 40 करोड़ लोगों क्या वास्ता ?

इकोनोमी से देश के 40 करोड़ लोगों क्या वास्ता ?

0 जयराम "विप्लव" / 2010/09/17 4:01 pm

हमारे टीवी चैनल अभी भी मनोरंजन उन्मुखी हैं और कृषि क्षेत्र को तो प्राथमिकता ना के बराबर दी जाती है | फ़िर भी , भारत कृषि के लिए सबसे बड़ा

गहलोत राज में भ्रष्टाचार की छूट

गहलोत राज में भ्रष्टाचार की छूट

0 डा ० पुरुषोत्तम मीणा / 2010/09/15 5:55 pm

भाजपा की वसुन्धरा राजे सरकार को भ्रष्ट और भू-माफिया से साठगांठ रखने वाली सरकार घोषित करके जनता से विकलांग समर्थन हासिल करने वाली राजस्थान की काँग्रेस सरकार में भी इन

बड़े नोट बंद क्यों नहीं करते

बड़े नोट बंद क्यों नहीं करते

6 शंकर दत्त फुलारा / 2010/09/04 8:26 pm

अगर भ्रष्टाचार, आतंकवाद,नक्सलवाद और अर्थव्यवस्था में मंदी को समाप्त करना है, महंगाई को नियंत्रण में लाना है तो बड़े नोट बंद क्यों नहीं करते ? आज जितने भी “भ्रष्ट”पकड़े जा

युवा श्रम और रोजगार

युवा श्रम और रोजगार

0 रमेश भट्ट / 2010/08/23 11:02 pm

श्रम और रोजगार मन्त्रालय भारत की एक बड़ी आबादी को ध्यान में रखकर अपनी नीतियां बनाता है। देश का असंगठित क्षेत्र मतलब 39 करोड़ से ज्यादा लोग इस मन्त्रालय के

मनरेगा में सिर्फ पैसा बहाने से कुछ नही होगा

मनरेगा में सिर्फ पैसा बहाने से कुछ नही होगा

1 रमेश भट्ट / 2010/08/21 5:35 pm

आज से लगभग 4 साल पहले देश भर में रोजगार यात्राऐं निकाली जा रही थी। गीत गाया जा रहा था। हमारे लिए काम नही, हमें काम चाहिए। इसी समस्या को

क्या यह षड्यंत्र है , नहीं यही तो लोकतंत्र है !

क्या यह षड्यंत्र है , नहीं यही तो लोकतंत्र है !

4 महेश कुमार वर्मा / 2010/01/28 9:18 pm

सोचनीय है कि एक ओर धर्म व जाति के आधार पर भेद-भाव समाप्त करने की बात कही जाती है और दूसरी ओर धर्म व जाति के आधार पर आरक्षण दिया

लोकतंत्र बचाने  के लिए पहल करे चुनाव आयोग

लोकतंत्र बचाने के लिए पहल करे चुनाव आयोग

6 कुमारेन्द्र / 2010/01/02 6:31 pm

  उत्तर प्रदेश विधान परिषद् के स्थानीय निकाय के लिए चुनावी प्रक्रिया चल रही है। प्रत्याशियों का चयन हो चुका है, नामांकन प्रक्रिया हो चुकी है अब बस मतदान का

अपने फर्ज से मुंह चुराते मनमोहन

अपने फर्ज से मुंह चुराते मनमोहन

1 नरेन्द्र निर्मल / 2009/11/22 8:01 pm

  भारत देश में विकास की रफ्तार बढ़ाने में यूपीए सरकार के रथी अर्थात देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का विशेष योगदान रहा है। ऐसा बड़े अखबारों और टीवी चैनलों

शिक्षा के व्यापार को बंद करे सरकार :पाठक उवाच

शिक्षा के व्यापार को बंद करे सरकार :पाठक उवाच

0 जयराम "विप्लव" / 2009/11/03 8:00 am

प्रिय ,पाठक बंधुओं अपने सम्पादकीय स्तम्भ 'संपादक उवाच ' के अर्न्तगत हमने एक नया कॉलम 'पाठक उवाच' का श्रीगणेश किया है जिसमें विभिन्न मुद्दों पर आपकी राय ,आपके विचारों को