लोकनायक भाग २
0जे.पी और कश्मीर समस्या जे.पी. का व्यक्तित्व अनूठा था। वे स्वयं को किसी विचारधारा से बांध कर नहीं रख सके। कारण था कि हर विचारधारा में गुणों के साथ अवगुणों
राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी आज हमारे बीच सशरीर नहीं हैं। महात्मा गाँधी के आदर्श, सोच हमारे लिए मार्गदर्शक बनकर विद्यमान हैं। ‘‘अहिंसा परमों धर्मः‘‘ के मूर्त रूप में अपने जीवन में उतार
महात्मा ने सत्य क्या है,इसके उत्तर में कहा था-यह एक कठिन प्रश्न है,किन्तु स्वयं अपने लिए मैने इसे हल कर लिया है। तुम्हारी अन्तरात्मा जो कहती है,वही सत्य है। गाँधी
:- विजय कुमार कुछ बातें कुछ लोगों के साथ चिपक जाती हैं, या यों कहें कि जबरन चिपका दी जाती हैं। कुछ ऐसा ही सत्याग्रह और गांधी जी के साथ
जे.पी और कश्मीर समस्या जे.पी. का व्यक्तित्व अनूठा था। वे स्वयं को किसी विचारधारा से बांध कर नहीं रख सके। कारण था कि हर विचारधारा में गुणों के साथ अवगुणों
जयप्रकाश का पुनर्जन्म – जवाहर लाल कौल फीनिक्स पक्षी के बारे में कहावत है कि वह जलकर अपनी ही राख से फ़िर जन्म लेता है। जेपी के बहुआयामी व्यक्तित्व के